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प्रशासन ने डीएनए टेस्ट के लिए रेजीमेंट को पत्र भेजा
Updated Tue, 14 Nov 2017 10:38 PM IST
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नई टिहरी। जिला प्रशासन ने प्रथम विश्व युद्ध में शामिल रहे कुठ्ठा निवासी प्रताप सिंह रावत पुत्र भागदेऊ के परिजनों का डीएनए टेस्ट कराने की मांग पर एडज्यूटेंट ले. कर्नल गढ़वाल राइफल रेजीमेंट सेंटर लैंसडौन को आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र भेजा है।
गढ़वाल राइफल्स के सैनिकों के हो सकते हैं, फ्रांस में मिले अवशेष... की खबर प्रकाशित होने पर कुठ्ठा निवासी उत्तम सिंह रावत ने जिला कार्यालय को भेजे पत्र में बताया था कि उनके दादा प्रताप सिंह को भी तत्कालीन टिहरी राजा की ओर से अंग्रेज सरकार की मांग पर गढ़वाल राइफल्स लैंसडौन भेजा गया था। वहां से उन्हें गढ़वाल राइफल्स में भर्ती कर प्रथम विश्व युद्ध में फ्रांस भेजा गया था। जहां वह अपने आदम्य साहस का परिचय देते हुए वीरगति को प्राप्त हो गए थे। कुछ समय बाद अंग्रेज सरकार ने राजा के माध्यम से प्रताप सिंह की मां को 1000 रुपये नकद और ताम्र पत्र भी दिया था। परिजनों को प्रताप सिंह का अंतिम संस्कार नहीं कर पाने दुख है। अब फ्रांस में गढ़वाली सैनिकों के अवशेष मिलने पर शहीद के परिजनों को उम्मीद है कि उनमें प्रताप सिंह के अवशेष भी शामिल हो सकते हैं। इसकी पुष्टी के लिए परिजन डीएनए टेस्ट कराना चाहते हैं, जिससे वह उनका हिंदू विधि-विधान से अंतिम संस्कार कर सके। प्रशासन की ओर से गढ़वाल राइफल्स लैंसडौन को पत्र भेजे जाने पर उन्हें उम्मीद है कि परिजनों का डीएनए टेस्ट लिया जाएगा।
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गढ़वाल राइफल्स के सैनिकों के हो सकते हैं, फ्रांस में मिले अवशेष... की खबर प्रकाशित होने पर कुठ्ठा निवासी उत्तम सिंह रावत ने जिला कार्यालय को भेजे पत्र में बताया था कि उनके दादा प्रताप सिंह को भी तत्कालीन टिहरी राजा की ओर से अंग्रेज सरकार की मांग पर गढ़वाल राइफल्स लैंसडौन भेजा गया था। वहां से उन्हें गढ़वाल राइफल्स में भर्ती कर प्रथम विश्व युद्ध में फ्रांस भेजा गया था। जहां वह अपने आदम्य साहस का परिचय देते हुए वीरगति को प्राप्त हो गए थे। कुछ समय बाद अंग्रेज सरकार ने राजा के माध्यम से प्रताप सिंह की मां को 1000 रुपये नकद और ताम्र पत्र भी दिया था। परिजनों को प्रताप सिंह का अंतिम संस्कार नहीं कर पाने दुख है। अब फ्रांस में गढ़वाली सैनिकों के अवशेष मिलने पर शहीद के परिजनों को उम्मीद है कि उनमें प्रताप सिंह के अवशेष भी शामिल हो सकते हैं। इसकी पुष्टी के लिए परिजन डीएनए टेस्ट कराना चाहते हैं, जिससे वह उनका हिंदू विधि-विधान से अंतिम संस्कार कर सके। प्रशासन की ओर से गढ़वाल राइफल्स लैंसडौन को पत्र भेजे जाने पर उन्हें उम्मीद है कि परिजनों का डीएनए टेस्ट लिया जाएगा।
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