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नमामि गंगें अभियान को पलीता लगा रही है मिनी सरकारें
Updated Tue, 14 Nov 2017 10:38 PM IST
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घनसाली (टिहरी)। गंगा को प्रदूषण मुक्त और निर्मल बनाने के लिए केंद्र सरकार नमामि गंगे के तहत करोड़ों खर्च कर रही है, लेकिन केंद्र सरकार की स्वच्छता की मुहिम को खुद नगर पंचायत घनसाली और चमियाला के अधिकारी-कर्मचारी पलीता लगाने का काम कर रहे हैं। नगर क्षेत्र से निकलने वाला कूड़ा-कचरा को घनसाली गैस गोदाम के समीप से सीधे भिलंगना नदी में प्रवाहित किया जा रहा है।
दोनों नगर पंचायत क्षेत्रों से प्रतिदिन दो से तीन टन कूड़ा एकत्रित किया जाता है। कूड़ा निस्तारण के लिए डंपिंग जोन के अभाव में उसे प्रतिदिन वाहनों के जरिए गैस गोदाम के समीप डंप कर सीधे भिलंगना नदी में प्रवाहित किया जा रहा है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य डा. नरेंद्र डंगवाल, तेजराम सेमवाल, पुष्पा, अंजली और सोनम का कहना है कि नगर पंचायत बने एक साल हो चुका है, लेकिन कूड़ा निस्तारण के लिए अभी तक कोई भूमि चिह्नित नहीं की गई है। कूड़े को भिलंगना नदी में प्रवाहित कर नगर पंचायत के अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ रहे हैं। तहसीलदार बुद्धि मिस्त्री का कहना है कि नगर पंचायतों को कूड़ा निस्तारण के लिए जगह चिह्नित करने को कहा गया था। मौका मुआयना कर यदि गैस गोदाम के समीप नदी किनारे कूड़ा पाया गया, तो ईओ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कोट
डंपिंग जोन के लिए घुमेटीधार में वन भूमि का चयन कर प्रस्ताव केंद्र सरकार को आन लाइन भेजा गया है। भिलंगना नदी में कूड़ा नहीं डाला जा रहा है। गैस गोदाम के समीप खाली भूमि पर अस्थाई व्यवस्था के तहत कूड़ा डंप किया जा रहा है।
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-राजेंद्र सिंह सजवाण, ईओ नगर पंचायत घनसाली/चमियाला
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दोनों नगर पंचायत क्षेत्रों से प्रतिदिन दो से तीन टन कूड़ा एकत्रित किया जाता है। कूड़ा निस्तारण के लिए डंपिंग जोन के अभाव में उसे प्रतिदिन वाहनों के जरिए गैस गोदाम के समीप डंप कर सीधे भिलंगना नदी में प्रवाहित किया जा रहा है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य डा. नरेंद्र डंगवाल, तेजराम सेमवाल, पुष्पा, अंजली और सोनम का कहना है कि नगर पंचायत बने एक साल हो चुका है, लेकिन कूड़ा निस्तारण के लिए अभी तक कोई भूमि चिह्नित नहीं की गई है। कूड़े को भिलंगना नदी में प्रवाहित कर नगर पंचायत के अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ रहे हैं। तहसीलदार बुद्धि मिस्त्री का कहना है कि नगर पंचायतों को कूड़ा निस्तारण के लिए जगह चिह्नित करने को कहा गया था। मौका मुआयना कर यदि गैस गोदाम के समीप नदी किनारे कूड़ा पाया गया, तो ईओ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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कोट
डंपिंग जोन के लिए घुमेटीधार में वन भूमि का चयन कर प्रस्ताव केंद्र सरकार को आन लाइन भेजा गया है। भिलंगना नदी में कूड़ा नहीं डाला जा रहा है। गैस गोदाम के समीप खाली भूमि पर अस्थाई व्यवस्था के तहत कूड़ा डंप किया जा रहा है।
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-राजेंद्र सिंह सजवाण, ईओ नगर पंचायत घनसाली/चमियाला