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दो साल में भी तैयार नहीं हो पाया मंकी रेस्क्यू सेंटर
Updated Fri, 20 Oct 2017 10:51 PM IST
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चंबा (टिहरी)। पहाड़ में बंदरों की दहशत से निजात दिलाने के लिए वन विभाग की मंकी रेस्क्यू सेंटर योजना परवान नहीं चढ़ पाई है। विभाग के कौड़ियाला स्थित जंगलों में बंदरों की आबादी को नियंत्रित करने के लिए बनाया गया केंद्र दो साल बाद भी शुरू नहीं हो पाया है।
ग्रामीण व नगर क्षेत्रों में बंदर लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। बंदरों को पकड़ने के लिए वन विभाग ने कौड़ियाला में 40 लाख की लागत से मंकी रेस्क्यू सेंटर का निर्माण किया था, लेकिन अभी तक इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। सेंटर में बिजली-पानी की समस्या भी बनी हुई है। चिपको नेता धूम सिंह नेगी का कहना है कि जंगलों की विविधता गायब हो गई है और स्रोत टेप कर दिए गए हैं। ऐसे में खाने की तलाश में बंदर और अन्य जानवर बस्तियों की ओर आ रहे हैं।
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ग्रामीण व नगर क्षेत्रों में बंदर लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। बंदरों को पकड़ने के लिए वन विभाग ने कौड़ियाला में 40 लाख की लागत से मंकी रेस्क्यू सेंटर का निर्माण किया था, लेकिन अभी तक इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। सेंटर में बिजली-पानी की समस्या भी बनी हुई है। चिपको नेता धूम सिंह नेगी का कहना है कि जंगलों की विविधता गायब हो गई है और स्रोत टेप कर दिए गए हैं। ऐसे में खाने की तलाश में बंदर और अन्य जानवर बस्तियों की ओर आ रहे हैं।
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