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जंगली जानवर खेती को पहुंचा रहे नुकसान
Updated Fri, 20 Oct 2017 10:46 PM IST
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घनसाली (टिहरी) पहाड़ों में कृषि को बढ़ावा देने के लिए सरकार कई दावे कर रही है, लेकिन जंगली जानवरों से फसलों को बचाने के लिए कोई ठोस उपाय नही कर रही है। गांवों में जंगली जानवर खेती को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
भिलंगना क्षेत्र की ग्यारहगांव, हिंदाव, नैलचामी, केमर, बासर, आरगढ, गोनगढ, बूढाकेदार, भिलंग, कोटि फैगुल समेत ढुंगमंदार पट्टी के सैकड़ों गांव में जंगली सुअर, बंदर ग्रामीणों की खड़ी फसलों को रौंदकर नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान तो उठाना पड़ रहा है। ग्रामीण निर्मला देवी, रेखा देवी, सुनीता देवी, रुकमणी देवी, गोदंबरी, रश्मि, कुसमा आदि का कहना है कि कड़ी मेहनत कर आपदा के बाद बंजर पडे़ खेतों को कृषि योग्य बनाया जा रहा है, लेकिन जंगली जानवर लगातार फसलों का नष्ट कर अरमानों पर पानी फेर रहे हैं। बावजूद वन विभाग खेती सुरक्षा के लिए ठोस उपाय नहीं कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से पीआरडी, होमगार्ड और वन कर्मियों की मदद से खेती सुरक्षा करने की मांग की है। ब्यूरो
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भिलंगना क्षेत्र की ग्यारहगांव, हिंदाव, नैलचामी, केमर, बासर, आरगढ, गोनगढ, बूढाकेदार, भिलंग, कोटि फैगुल समेत ढुंगमंदार पट्टी के सैकड़ों गांव में जंगली सुअर, बंदर ग्रामीणों की खड़ी फसलों को रौंदकर नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान तो उठाना पड़ रहा है। ग्रामीण निर्मला देवी, रेखा देवी, सुनीता देवी, रुकमणी देवी, गोदंबरी, रश्मि, कुसमा आदि का कहना है कि कड़ी मेहनत कर आपदा के बाद बंजर पडे़ खेतों को कृषि योग्य बनाया जा रहा है, लेकिन जंगली जानवर लगातार फसलों का नष्ट कर अरमानों पर पानी फेर रहे हैं। बावजूद वन विभाग खेती सुरक्षा के लिए ठोस उपाय नहीं कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से पीआरडी, होमगार्ड और वन कर्मियों की मदद से खेती सुरक्षा करने की मांग की है। ब्यूरो
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