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बारात घर में कब तक चलेगा डिग्री कालेज
Updated Sat, 07 Oct 2017 10:23 PM IST
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कंडीसौड़ (टिहरी)। कमांद में कला वर्ग के छह विषय के साथ खोला गया डिग्री कालेज आखिर कब तक बारातघर में चलता रहेगा। कक्ष-कक्षों का अभाव और शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होने से छात्र संख्या दूसरे सत्र में 52 पर ही सिमट कर रह गई है।
थौलधार ब्लॉक के मुख्य बाजार कमांद में सितंबर 2016 में डिग्री कालेज खोला गया था, जिसमें हिंदी, संस्कृत, अंग्रेजी, समाज शास्त्र, राजनीतिशास्त्र और इतिहास के विषय खोले गए। कालेज में अभी तक प्राचार्य, हिंदी और इतिहास के शिक्षक ही नियुक्त हैं। डिग्री कालेज को दी गई इंटर कालेज की 1.005 हेक्टेअर भूमि भी अभी तक डिग्री कालेज के नाम दर्ज नहीं की जा सकी है, जिससे कालेज को अनुदान नहीं मिल रहा है।
स्थिति यह है कि कालेज की भूमि पर स्थानीय लोगों के साथ ही बीआरओ भी कब्जा जमाए हुए है। कालेज में बीए प्रथम और द्वितीय वर्ष में 52 छात्रों ने ही प्रवेश लिया है। ल्वारखा की प्रधान विनीता रांगड़, कमांद के प्रधान सुंदर लाल, भैंसकोटी प्रधान सरिता बिष्ट, बमराड़ी प्रधान रूपा देवी और बैलगांव के प्रधान देशराज राणा ने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को घर के पास ही उच्च शिक्षा की सुविधा के लिए डिग्री कालेज खोलने की मांग की थी, लेकिन स्थिति जस की तस है। प्राचार्य पुष्पा नेगी का कहना है कि राजस्व विभाग के साथ भूमि का सीमांकन करने के बाद रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी गई थी, लेकिन अभी तक जमीन डिग्री कालेज के नाम दर्ज नहीं हो पाई है।
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थौलधार ब्लॉक के मुख्य बाजार कमांद में सितंबर 2016 में डिग्री कालेज खोला गया था, जिसमें हिंदी, संस्कृत, अंग्रेजी, समाज शास्त्र, राजनीतिशास्त्र और इतिहास के विषय खोले गए। कालेज में अभी तक प्राचार्य, हिंदी और इतिहास के शिक्षक ही नियुक्त हैं। डिग्री कालेज को दी गई इंटर कालेज की 1.005 हेक्टेअर भूमि भी अभी तक डिग्री कालेज के नाम दर्ज नहीं की जा सकी है, जिससे कालेज को अनुदान नहीं मिल रहा है।
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स्थिति यह है कि कालेज की भूमि पर स्थानीय लोगों के साथ ही बीआरओ भी कब्जा जमाए हुए है। कालेज में बीए प्रथम और द्वितीय वर्ष में 52 छात्रों ने ही प्रवेश लिया है। ल्वारखा की प्रधान विनीता रांगड़, कमांद के प्रधान सुंदर लाल, भैंसकोटी प्रधान सरिता बिष्ट, बमराड़ी प्रधान रूपा देवी और बैलगांव के प्रधान देशराज राणा ने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को घर के पास ही उच्च शिक्षा की सुविधा के लिए डिग्री कालेज खोलने की मांग की थी, लेकिन स्थिति जस की तस है। प्राचार्य पुष्पा नेगी का कहना है कि राजस्व विभाग के साथ भूमि का सीमांकन करने के बाद रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी गई थी, लेकिन अभी तक जमीन डिग्री कालेज के नाम दर्ज नहीं हो पाई है।
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