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वन विभाग की चौकी शिफ्ट न करने पर फूटा लोगों का गुस्सा
Updated Mon, 11 Sep 2017 10:19 PM IST
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नैनबाग (टिहरी)। कैंपटी में जर्जर पड़ी वन विभाग की आवासीय चौकी को अन्यत्र शिफ्ट न करने से आक्रोशित लोगों का सोमवार को वन विभाग कार्यालय पर गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने वन विभाग कार्यालय पर प्रदर्शन कर जर्जर भवनों को हटाने की मांग को लेकर जमकर प्रदर्शन किया। डीएफओ का पुतला फूंककर विरोध दर्ज किया।
कैंपटी खेल मैदान के समीप 60-70 वर्ष पूर्व बनी वन विभाग की आवासीय चौकी लंबे समय से जर्जर पड़ी हैं, जिससे राहगिरों को हमेशा खतरा बना रहता है। सोमवार तड़के जर्जर भवन के दोनों और का आधे से अधिक हिस्सा भरभराकर ढह गया। गनीमत यह रही कि उस समय टूटे भवन के आसपास कोई नहीं था, जिससे बड़ी अनहोनी होने से टल गई। पूर्व में भी खस्ताहाल भवन की दीवार से गिरते पत्थर और मलबे से एक वाहन क्षतिग्रस्त हो गया था। जर्जर भवन के आसपास आबादी क्षेत्र सहित बैंक, जलागम कार्यालय और आम रास्ता है। रास्ते से होकर बच्चे स्कूल को आवागमन करते हैं। दो वर्ष पूर्व वन विभाग की आवासीय चौकी के लिए भूमि का चयन कर निरीक्षण भी किया जा चुका है, लेकिन जर्जर भवनों को तोड़ने के लिए कोई भी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
इससे आक्रोशित होकर स्थानीय लोगों ने वन विभाग कार्यालय पर प्रदर्शन किया। एक सप्ताह के अंतर्गत मार्ग पर कार्रवाई न होने पर लोगों ने मसूरी-कैंपटी-नैनबाग मोटर मार्ग पर चक्का जाम करने की चेतावनी दी है। मांग को लेकर मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल और डीएम को ज्ञापन प्रेषित किया गया है। प्रदर्शनकारियों में मुकेश पंवार, व्यापार मंडल अध्यक्ष किशन सिंह पंवार, राजेश नोटियाल, प्रेम सिंह पंवार, विजेंद्र पंवार, जगत पंवार, प्रधान विनीता पंवार, क्षेत्र पंचायत मिथिला पंवार, शूरवीर पंवार, वीरेंद्र पंवार, जयपाल राणा, सुरेश सजवाण, कमला मल्ल, पवित्रा चौहान, जवाहर सिंह मल्ल, सुरेंद्र सिंह, कमल राठौर, राजेश आदि शामिल रहे।
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कैंपटी खेल मैदान के समीप 60-70 वर्ष पूर्व बनी वन विभाग की आवासीय चौकी लंबे समय से जर्जर पड़ी हैं, जिससे राहगिरों को हमेशा खतरा बना रहता है। सोमवार तड़के जर्जर भवन के दोनों और का आधे से अधिक हिस्सा भरभराकर ढह गया। गनीमत यह रही कि उस समय टूटे भवन के आसपास कोई नहीं था, जिससे बड़ी अनहोनी होने से टल गई। पूर्व में भी खस्ताहाल भवन की दीवार से गिरते पत्थर और मलबे से एक वाहन क्षतिग्रस्त हो गया था। जर्जर भवन के आसपास आबादी क्षेत्र सहित बैंक, जलागम कार्यालय और आम रास्ता है। रास्ते से होकर बच्चे स्कूल को आवागमन करते हैं। दो वर्ष पूर्व वन विभाग की आवासीय चौकी के लिए भूमि का चयन कर निरीक्षण भी किया जा चुका है, लेकिन जर्जर भवनों को तोड़ने के लिए कोई भी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
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इससे आक्रोशित होकर स्थानीय लोगों ने वन विभाग कार्यालय पर प्रदर्शन किया। एक सप्ताह के अंतर्गत मार्ग पर कार्रवाई न होने पर लोगों ने मसूरी-कैंपटी-नैनबाग मोटर मार्ग पर चक्का जाम करने की चेतावनी दी है। मांग को लेकर मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल और डीएम को ज्ञापन प्रेषित किया गया है। प्रदर्शनकारियों में मुकेश पंवार, व्यापार मंडल अध्यक्ष किशन सिंह पंवार, राजेश नोटियाल, प्रेम सिंह पंवार, विजेंद्र पंवार, जगत पंवार, प्रधान विनीता पंवार, क्षेत्र पंचायत मिथिला पंवार, शूरवीर पंवार, वीरेंद्र पंवार, जयपाल राणा, सुरेश सजवाण, कमला मल्ल, पवित्रा चौहान, जवाहर सिंह मल्ल, सुरेंद्र सिंह, कमल राठौर, राजेश आदि शामिल रहे।
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