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हलेथ और कोरदी में नहीं थम रहा डायरिया
Updated Fri, 28 Jul 2017 10:30 PM IST
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लंबगांव (टिहरी)।
प्रतापनगर ब्लॉक में रौणद रमोली के ग्राम कोरदी और हलेथ गांव में फैला डायरिया नहीं थम रहा है। शुक्रवार कोे उपचार के दौैरान दो और लोगों की मौत हो गई। एक हफ्ते के भीतर गांव में तीन लोगों की इस बीमारी से मौत हो चुकी है। गांव में स्वास्थ्य विभाग की ओर से शिविर लगाकर मरीजों का उपचार कराने के बाद भी हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं।
प्रतापनगर ब्लॉक के ग्राम कोरदी और हलेथ के ग्रामीण कई दिनों से डायरिया से पीड़ित है। सप्ताह भर पहले फैली इस बीमारी की चपेट में 15 लोग आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में जाकर मरीजों का इलाज कराया लेकिन क ोई सुधार नहीं हो रहा है। कई दिन से बीमार चल रही सात वर्षीय अर्चना पुत्री लखन सिंह ग्राम हलेथ को सोमवार 24 जुलाई को लंबगांव पीएचसी से हायर सेंटर रेफर किया गया था, लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया था। 27 जुलाई को ऋषिकेश सरकारी अस्पताल में भर्ती कराए गए हलेथ निवासी विशन सिंह (62) पुत्र शिव सिंह और सोना देवी (65) पत्नी रणू सिंह ने भी शुक्रवार सुबह दम तोड़ दिया।
क्षेत्र पंचायत सदस्य ऐल सिंह रावत, और देवेंद्र रावत ने बताया कि गांव में स्वास्थ्य विभाग ने 70 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया था, जिसमें से चार लोग डायरिया से पीड़ित मिलने पर उन्हें दवा भी दी गई थी। बावजूद बीमारी काबू नहीं हो पा रही है। हालांकि श्याम देवी, जमोत्रा देवी, बचना देवी, गोना देवी के स्वास्य में सुधार हुआ है। बावजूद लोगों में बीमारी का भय बना हुआ है। उन्होंने गांव में फिर से स्वास्थ्य टीम भेजने की मांग की है। इस बावत डिप्टी सीएमओ डा. श्याम विजय का कहना है, कि गांव में फिर से स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि जब तक डायरिया पर काबू नही पाया जाता है, तब तक कोई बिना क्लोरीन एवं बिना उबले हुए पानी का इस्तेमान न करेें। बीमारी काबू करने तक टीम मरीजों पर नजर रखेगी।
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प्रतापनगर ब्लॉक में रौणद रमोली के ग्राम कोरदी और हलेथ गांव में फैला डायरिया नहीं थम रहा है। शुक्रवार कोे उपचार के दौैरान दो और लोगों की मौत हो गई। एक हफ्ते के भीतर गांव में तीन लोगों की इस बीमारी से मौत हो चुकी है। गांव में स्वास्थ्य विभाग की ओर से शिविर लगाकर मरीजों का उपचार कराने के बाद भी हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं।
प्रतापनगर ब्लॉक के ग्राम कोरदी और हलेथ के ग्रामीण कई दिनों से डायरिया से पीड़ित है। सप्ताह भर पहले फैली इस बीमारी की चपेट में 15 लोग आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में जाकर मरीजों का इलाज कराया लेकिन क ोई सुधार नहीं हो रहा है। कई दिन से बीमार चल रही सात वर्षीय अर्चना पुत्री लखन सिंह ग्राम हलेथ को सोमवार 24 जुलाई को लंबगांव पीएचसी से हायर सेंटर रेफर किया गया था, लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया था। 27 जुलाई को ऋषिकेश सरकारी अस्पताल में भर्ती कराए गए हलेथ निवासी विशन सिंह (62) पुत्र शिव सिंह और सोना देवी (65) पत्नी रणू सिंह ने भी शुक्रवार सुबह दम तोड़ दिया।
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क्षेत्र पंचायत सदस्य ऐल सिंह रावत, और देवेंद्र रावत ने बताया कि गांव में स्वास्थ्य विभाग ने 70 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया था, जिसमें से चार लोग डायरिया से पीड़ित मिलने पर उन्हें दवा भी दी गई थी। बावजूद बीमारी काबू नहीं हो पा रही है। हालांकि श्याम देवी, जमोत्रा देवी, बचना देवी, गोना देवी के स्वास्य में सुधार हुआ है। बावजूद लोगों में बीमारी का भय बना हुआ है। उन्होंने गांव में फिर से स्वास्थ्य टीम भेजने की मांग की है। इस बावत डिप्टी सीएमओ डा. श्याम विजय का कहना है, कि गांव में फिर से स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि जब तक डायरिया पर काबू नही पाया जाता है, तब तक कोई बिना क्लोरीन एवं बिना उबले हुए पानी का इस्तेमान न करेें। बीमारी काबू करने तक टीम मरीजों पर नजर रखेगी।
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