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मकान की छत टूटने से एक बालिका की मौत
Updated Tue, 25 Jul 2017 10:30 PM IST
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कंडीसौड़ (टिहरी)। थौलधार ब्लॉक के बैलगांव के हरपाल सिंह के परिवार पर बारिश कहर बनकर बरसी। बारिश से दो मंजिला मकान की छत टूटने से एक 13 वर्षीय बालिका की मौत हो गई। परिवार के पांच अन्य सदस्य घायल हो गए। पीड़ित परिवार ने दूसरे घर में शरण ली है। प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवार को खाद्य सामग्री के साथ ही चार लाख मुआवजा राशि का चेक सौंपा गया।
थौलधार ब्लॉक क्षेत्र में बीती रात को हुई बारिश से रात 2.30 बजे के बैलगांव में हरपाल सिंह के दो मंजिला घर पर लगी पठाल भरभरा कर गिर पड़े। छत के मलबे में हरपाल सिंह (42), उनकी पत्नी बीना देवी (40), बेटा रौनक (5) और बेटी स्वाती (13) एक ही कमरे में सोए थे, तभी छत गिरने से वे दब गए। जबकि दूसरे कमरे में सो रही दो बेटियां किरन (20) और पूजा (18) पर भी मलबा गिरने वे घायल हो गई। मकान टूटने की आवाज सुनकर पड़ोसी बाहर आए। लोग हरपाल सिंह के घर में घुसे और मलबे में दबे हरपाल सिंह, पत्नी बीना देवी, बेटा रोहन और स्वाती को किसी तरह बाहर निकाला, लेकिन तब तक स्वाती दम तोड़ चुकी थी। किरन-पूजा खुद ही दूसरे कमरे से बाहर निकल आई थी।
सूचना पर कंडीसौड़ से आपदा प्रबंधन और 108 सेवा मौके पर पहुंची। बीना देवी के पैरों पर अधिक चोट आने के कारण उन्हें जिला अस्पताल बौराड़ी में भर्ती किया गया। परिवार के अन्य सदस्यों का वहीं पर मरहम पट्टी किया गया। तहसीलदार सुंदर लाल लेखवार, राजस्व उप निरीक्षक उपेंद्र बहुगुणा ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित परिवार को खाद्य सामग्री और राहत राशि का चेक सौंपा। हरपाल सिंह खेती बाड़ी कर परिवार का पालन पोषण करता है।
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गहरे सदमे है बीना
मकान टूटने से घायल हुई हरपाल सिंह की पत्नी बीना देवी गहरे सदमे में है। जिला अस्पताल में भर्ती बीना से मिलने के लिए जो भी अस्पताल में पहुंच रहा है। बेटी स्वाती की मौत से दुखी होकर वह फफक-फफक कर रो पड़ रही है। बेटी स्वाती कक्षा छह में पढ़ती थी।
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थौलधार ब्लॉक क्षेत्र में बीती रात को हुई बारिश से रात 2.30 बजे के बैलगांव में हरपाल सिंह के दो मंजिला घर पर लगी पठाल भरभरा कर गिर पड़े। छत के मलबे में हरपाल सिंह (42), उनकी पत्नी बीना देवी (40), बेटा रौनक (5) और बेटी स्वाती (13) एक ही कमरे में सोए थे, तभी छत गिरने से वे दब गए। जबकि दूसरे कमरे में सो रही दो बेटियां किरन (20) और पूजा (18) पर भी मलबा गिरने वे घायल हो गई। मकान टूटने की आवाज सुनकर पड़ोसी बाहर आए। लोग हरपाल सिंह के घर में घुसे और मलबे में दबे हरपाल सिंह, पत्नी बीना देवी, बेटा रोहन और स्वाती को किसी तरह बाहर निकाला, लेकिन तब तक स्वाती दम तोड़ चुकी थी। किरन-पूजा खुद ही दूसरे कमरे से बाहर निकल आई थी।
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सूचना पर कंडीसौड़ से आपदा प्रबंधन और 108 सेवा मौके पर पहुंची। बीना देवी के पैरों पर अधिक चोट आने के कारण उन्हें जिला अस्पताल बौराड़ी में भर्ती किया गया। परिवार के अन्य सदस्यों का वहीं पर मरहम पट्टी किया गया। तहसीलदार सुंदर लाल लेखवार, राजस्व उप निरीक्षक उपेंद्र बहुगुणा ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित परिवार को खाद्य सामग्री और राहत राशि का चेक सौंपा। हरपाल सिंह खेती बाड़ी कर परिवार का पालन पोषण करता है।
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गहरे सदमे है बीना
मकान टूटने से घायल हुई हरपाल सिंह की पत्नी बीना देवी गहरे सदमे में है। जिला अस्पताल में भर्ती बीना से मिलने के लिए जो भी अस्पताल में पहुंच रहा है। बेटी स्वाती की मौत से दुखी होकर वह फफक-फफक कर रो पड़ रही है। बेटी स्वाती कक्षा छह में पढ़ती थी।