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कुमाली के लोगों ने वापस लौटाई जेसीबी मशीन और मजदूरों को
Updated Sun, 23 Jul 2017 10:02 PM IST
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चंबा (टिहरी)। एक सप्ताह से यातायात के लिए बंद पड़ी खाड़ी-पिपलेथ-चौंपा मोटर मार्ग पर गिरे बोल्डरों को हटाना लोनिवि के लिए चुनौती बन गया है। बोल्डर हटाने गई जेसीबी और मजदूरों को कुमाली के लोगों ने बैरंग लौटाकर काम बंद करवा दिया। लोगों का कहना है कि पहाड़ी से सड़क पर गिरे बोल्डर उनके आवासीय मकानों के लिए खतरा बन गए हैं, जब तक सड़क किनारे सुरक्षा के उपाय नहीं किए जाते हैं तब तक वे बोल्डरों को तोड़ने नहीं देंगे।
खाड़ी-पिपलेथ-चौंपा मोटर मार्ग पर भारी बारिश के चलते एक सप्ताह पहले चट्टान से बोल्डर टूटकर सड़क पर गिर गए थे। सड़क के नीचे स्थित कुमाली गांव के आवासीय मकानों को बोल्डरों से खतरा पैदा हो गया है। बीते दिन लोनिवि नरेंद्रनगर से यातायात के लिए बंद पड़ी सड़क खोलने के लिए जेसीबी और मजदूरों को कुमाली भेजा, लेकिन कुमाली के लोगों ने सड़क पर पड़े बोल्डरों को हटाने से साफ इनकार कर दिया। जेसीबी को उन्होंने लौटा दिया। उनका कहना है कि पत्थर उनके आवासीय मकानों के ऊपर गिर सकते हैं। पत्थरों और मलबा की सफाई करने से पहले उन्होंने लोनिवि से सड़क किनारे सुरक्षा उपाय करने की मांग की। कुमाली से आगे वाहनों का आवागमन न होने के चलते पिपलेथ और चौंपा गांव के लोगों को दो किमी की पैदल दूरी तय करनी पड़ रही है।
कुमाली के जगदीश कोठियाल, रमेश कोठारी का कहना है कि बोल्डरों को तोड़ने से मकानों को खतरा हो सकता है। प्रधान नरेंद्र सिंह, बिजेंद्र सिंह का कहना है कि सड़क न खुलने के कारण बच्चों-बुजुर्गों को दिक्कत हो रही है।
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कोट
सड़क पर पड़े बोल्डरों को हटाने के लिए मशीन को भेजा गया था। मगर ग्रामीणों ने खतरा बताते हुए काम बंद करवा दिया। अब बोल्डरों को तोड़ने के लिए अत्याधुनिक मशीन मंगाकर सड़क खोली जाएगी।
-दिग्विजय तिवारी, एई लोनिवि नरेंद्रनगर
खाड़ी-पिपलेथ-चौंपा मोटर मार्ग पर भारी बारिश के चलते एक सप्ताह पहले चट्टान से बोल्डर टूटकर सड़क पर गिर गए थे। सड़क के नीचे स्थित कुमाली गांव के आवासीय मकानों को बोल्डरों से खतरा पैदा हो गया है। बीते दिन लोनिवि नरेंद्रनगर से यातायात के लिए बंद पड़ी सड़क खोलने के लिए जेसीबी और मजदूरों को कुमाली भेजा, लेकिन कुमाली के लोगों ने सड़क पर पड़े बोल्डरों को हटाने से साफ इनकार कर दिया। जेसीबी को उन्होंने लौटा दिया। उनका कहना है कि पत्थर उनके आवासीय मकानों के ऊपर गिर सकते हैं। पत्थरों और मलबा की सफाई करने से पहले उन्होंने लोनिवि से सड़क किनारे सुरक्षा उपाय करने की मांग की। कुमाली से आगे वाहनों का आवागमन न होने के चलते पिपलेथ और चौंपा गांव के लोगों को दो किमी की पैदल दूरी तय करनी पड़ रही है।
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कुमाली के जगदीश कोठियाल, रमेश कोठारी का कहना है कि बोल्डरों को तोड़ने से मकानों को खतरा हो सकता है। प्रधान नरेंद्र सिंह, बिजेंद्र सिंह का कहना है कि सड़क न खुलने के कारण बच्चों-बुजुर्गों को दिक्कत हो रही है।
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सड़क पर पड़े बोल्डरों को हटाने के लिए मशीन को भेजा गया था। मगर ग्रामीणों ने खतरा बताते हुए काम बंद करवा दिया। अब बोल्डरों को तोड़ने के लिए अत्याधुनिक मशीन मंगाकर सड़क खोली जाएगी।
-दिग्विजय तिवारी, एई लोनिवि नरेंद्रनगर