फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Tehri News ›   भूएमि प्रतिकर में पीएमओ से जगी न्याय की उम्मीद

भूएमि प्रतिकर में पीएमओ से जगी न्याय की उम्मीद

Tue, 18 Jul 2017 10:26 PM IST
Updated Tue, 18 Jul 2017 10:26 PM IST
विज्ञापन
भूएमि प्रतिकर में पीएमओ से जगी न्याय की उम्मीद
विज्ञापन

नई टिहरी। 15 वर्ष से शासन में लटका भूमि प्रतिकर निर्धारण का मामला प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में जाने से ग्रामीणों को न्याय की उम्मीद जगी है। मामला टिहरी बांध से जुड़ा है। परियोजना के लिए अर्जित की गई भूमि के प्रतिकर भुगतान में असमानता होने पर काश्तकार वर्ष 2002 से मिलानी क्षेत्र में एक समान दरों पर भुगतान की मांग करने पर तत्कालीन जिलाधिकारी ने दरों के निर्धारण के लिए शासन से दिशा-निर्देश जारी करने को पत्र भेजा था, लेकिन हल नहीं निकलने पर काश्तकारों ने पीएमओ की शरण ली है। पीएमओ ने मुख्य सचिव को समस्या का निस्तारण करने के निर्देश दिए।

टिहरी बांध की कट ऑफ डेट सितंबर 1976 तय करने पर प्रशासन ने बांध के लिए अर्जित की जाने वाली भूमि की खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी, लेकिन वर्ष 2003 में अर्जित भूमि के प्रतिकर भुगतान के समय पुनर्वास निदेशालय ने भूमि अर्जन अधिनियम की धारा 23 का हवाला देते हुए धारा-4 लागू करते समय व उससे पहले भूमि के क्रय-विक्रय की दरों के आधार पर भूमि का प्रतिकर तय किया। इस पर काश्तकारों ने आपत्ति जताते हुए कहा था कि भूमि के क्रय-विक्रय पर पहले से ही रोक होने पर यह संभव नहीं है। बावजूद आपत्ति की अनदेखी करते हुए थौलधार ब्लॉक में एनएच-94 से सटे ग्राम सरोट, डोभन, जसपुर चक, भणेती सेरा, रमोलागांव, खांड-बिड़कोट और भंगर के काश्तकारों को 4800 से 5020 रुपये प्रतिनाली के हिसाब से भुगतान किया गया। काश्तकारों का कहना है कि पुनर्वास निदेशालय ने दोहरी नीति अपनाते हुए उनके पास के गांव चिन्याली के काश्तकारों को 78 हजार रुपये प्रतिनाली की दर से भुगतान किया है। तब से वह भी मिलानी गांव चिन्याली के सर्किल रेट की तर्ज पर भुगतान की मांग करते रहे हैं, लेकिन 15 साल तक पुनर्वास निदेशालय के चक्कर काटने से थक हारकर पीड़ितों ने न्याय के लिए पीएमओ का दरवाजा खटखटाया है। पीएमओ की चिठ्ठी के आधार पर चीफ सेक्रेट्री ने डीएम टिहरी से प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश जारी किए हैं। काश्तकार रोशन लाल का कहना है कि मामला पीएमओ में जाने से काश्तकारों को देर से ही सही अब न्याय मिलने की उम्मीद है।
विज्ञापन


पीएमओ के हवाले से चीफ सेक्रेट्री का पत्र मिला है। उसके अनुरूप रिपोर्ट तैयार की गई है। रिपोर्ट जल्द ही शासन को भेज दी जाएगी। - सोनिका, डीएम टिहरी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed