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बड़ी निविदा एवं ई-टेंडरिंग के विरोध में उतरे ठेकेदार
Updated Fri, 14 Jul 2017 09:55 PM IST
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नई टिहरी। ठेकेदार एसोसिएशन राज्य कैबिनेट की ओर से लिए गए ई-टेंडरिंग और बड़ी निविदा के फैसले के विरोध में उतर गया है। उन्होंने सरकार पर बड़े कारोबारियों को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाते हुए जल्द निर्णय को वापस न लेने पर राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
ठेकेदार एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश चंद रमोला के नेतृत्व में जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर कैबिनेट के फैसले को स्थानीय एवं छोटे ठेकेदारों को बेरोजगार करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में पीएम मोदी ने डबल इंजन मांगा था, जिसकोेे राज्य की जनता ने बड़े बहुमत से दिया था। इसमें ठेकेदारों का महत्वपूर्ण योगदान रहा, लेकिन वही सरकार अब रोजी रोटी छीनने का काम कर रही है। उन्होंने ई-टेंडरिंग व्यवस्था का समाप्त करने, बड़ी निविदाओं के निर्णय को वापस कर छोटी-छोटी निविदाएं पूर्व की भांति जारी रखने, घोषणा के अनुसार पांच करोड़ के काम राज्य के ठेकेदारों को देने व ठेकेदारों के अनुबंध पर जीएसटी की दरें पहले की तरह पांच फीसदी रखने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में दिनेश नेगी, रमेश पंवार, संजय थपलियाल, रणजीत रावत, जय सिंह असवाल, आनंद राणा, किशोर मंद्रवाल, धनवीर कलूड़ा, रोशन चौहान व जयेंद्र रावत आदि शामिल थे।
ठेकेदार एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश चंद रमोला के नेतृत्व में जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर कैबिनेट के फैसले को स्थानीय एवं छोटे ठेकेदारों को बेरोजगार करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में पीएम मोदी ने डबल इंजन मांगा था, जिसकोेे राज्य की जनता ने बड़े बहुमत से दिया था। इसमें ठेकेदारों का महत्वपूर्ण योगदान रहा, लेकिन वही सरकार अब रोजी रोटी छीनने का काम कर रही है। उन्होंने ई-टेंडरिंग व्यवस्था का समाप्त करने, बड़ी निविदाओं के निर्णय को वापस कर छोटी-छोटी निविदाएं पूर्व की भांति जारी रखने, घोषणा के अनुसार पांच करोड़ के काम राज्य के ठेकेदारों को देने व ठेकेदारों के अनुबंध पर जीएसटी की दरें पहले की तरह पांच फीसदी रखने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में दिनेश नेगी, रमेश पंवार, संजय थपलियाल, रणजीत रावत, जय सिंह असवाल, आनंद राणा, किशोर मंद्रवाल, धनवीर कलूड़ा, रोशन चौहान व जयेंद्र रावत आदि शामिल थे।
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