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राष्ट्रपति के हाथों डिग्री पाकर खिल उठे छात्रों के चेहरे
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 01 Apr 2016 11:13 PM IST
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राष्ट्रपति के साथ बच्चे
- फोटो : amar ujala
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स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी के पहले दीक्षांत समारोह में विवि के 288 छात्रों को डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट दिए गए। विभिन्न कोर्सेज के 30 टॉपर्स छात्रों को महामहिम राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने पुरस्कृत किया।
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शुक्र्रवार को जौलीग्रांट स्थित स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी के परिसर में पहले दीक्षांत समारोह का शुभारंभ महामहिम राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने दीप जलाकर किया।
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उनके साथ राज्यपाल डा. केके पाल, विवि के चांसलर डा. मोहन स्वामी, वाइस चांसलर डा. विजय धस्माना और एचआईएचटी ट्रस्ट के सचिव डा. विजेंद्र चौहान भी रहे। समारोह में सबसे पहले विवि के छात्रों ने विवि का कुलगीत प्रस्तुत किया। इस बीच गढ़वाल राइफ ल के बैंड की धुनों पर राष्ट्रगान हुआ।
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सबसे पहले वाइस चांलसर डा. धस्माना ने सभी आगंतुकों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि स्वामी राम का सपना था कि प्रदेश के युवाओं को आधुनिक शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाना होगा, ताकि प्रदेश से पलायन न हो। उनका सपना था कि सबको शिक्षा और स्वास्थ्य की सुविधा मिले।
विवि का पहला दीक्षांत समारोह
आज उसी सपने की ओर कदम बढ़ाते हुए विवि पहला दीक्षांत समारोह शुरू कर रहा है। समारोह में मेडिकल, इंजीनियरिंग, पैरामेडिकल, नर्सिंग, प्रबंधन सहित कई कोर्सेज के 30 टॉपर्स को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने गोल्ड मेडल और प्रमाण पत्र देकर पुरस्कृत किया। मेडल पाकर युवाओं के चेहरे खिल गए।
इसके बाद विवि के चांसलर डा. मोहन स्वामी ने सभी छात्रों को डिग्री, डिप्लोमा मिलने की बधाई देते हुए भविष्य की चुनौतियों के प्रति आगाह किया। उन्होंने कहा कि आज युवाओं को न केवल समाज की जरूरतों के हिसाब से खुद को ढालने की चुनौती है बल्कि सामाजिक ढांचे के तहत आगे बढ़ना होगा।