{"_id":"a9f1ab78-db03-11e2-8462-d4ae52bc57c2","slug":"shinde-says-uttarakhand-flood-not-a-natural-calamity","type":"story","status":"publish","title_hn":"राहत एजेंसियों के बीच नहीं है तालमेल: शिंदे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राहत एजेंसियों के बीच नहीं है तालमेल: शिंदे
देहरादून/ब्यूरो
Updated Sat, 22 Jun 2013 03:14 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने उत्तराखंड की आपदा को राष्ट्रीय आपादा मानने से इनकार कर दिया है। देहरादून में संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा है कि उत्तराखंड की आपदा का राजनीतिकरण करने का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा' 'आपदा घोषित करने से क्या मिलेगा। इससे केवल राजनीति होगी।'
उन्होंने कहा कि आपदा से प्रभावित इलाकों में बड़े हेलीकॉप्टर का जाना मुश्किल है। इसलिए वहां किसी भी मुख्यमंत्री को जाने की इजाजत नहीं दी जा रही है।
शिंदे ने बताया कि गृहमंत्री होने के बाद भी मैं उन इलाकों में नहीं जा पाया। राहत कार्य प्रभावित न हों इसलिए केवल किसी भी वीआईपी को वहां नहीं जाने दिया जा रहा है।
विज्ञापन
गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने स्वीकार किया कि उत्तराखंड में राहत और बचाव कार्य में लगी सरकारी एजेंसियों के बीच तालमेल की कमी है, जिससे राहत कार्य में बाधा आ रही है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि अभी भी करीब 32 हजार लोग उत्तराखंड के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे हैं, जिन्हें निकालने के लिए युद्ध स्तर पर कोशिश की जा रही हैं। 70 हजार से ज्यादा लोगों को निकाल लिया गया है।
राहत कार्यों का जायजा लेने पहुंचे गृहमंत्री ने उत्तराखंड में आई आपदा को राष्ट्रीय संकट करार दिया। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्य में लगी एजेंसियों को तीन दिन में सभी प्रभावितों को सुरक्षित निकालने का अल्टीमेटम दिया।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हालात की समीक्षा बैठक के बाद शिंद ने पत्रकारों से कहा कि फंसे हुए तीर्थयात्रियों को निकालने के लिए गौरीकुंड से केदारनाथ और पंडुकेश्वर से बदरीनाथ के बीच फुटब्रिज का निर्माण किया गया है।
गृहमंत्री ने बताया कि जो लोग जंगलचट्टी क्षेत्र में फंसे हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षाबलों के जरिए तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
राहत एवं बचाव कार्य में लगी एजेंसियों के बीच तालमेल की कमी को स्वीकारते हुए गृहमंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ वीके दुग्गल को राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए यहां नियुक्त किया गया है जो सोमवार से अपना काम संभालेंगे।
उन्होंने कहा कि बचाव कार्यों पर केंद्र सरकार नजर रखे हुए हैं। गृहमंत्री ने साफ किया कि यह कोई मानव निर्मित आपदा नहीं है, बल्कि यह एक प्राकृतिक आपदा है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग स्थानों से काफी ऐसे शव मिले हैं जिनकी पहचान करना बहुत मुश्किल है।