तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ की दिवारा यात्रा कालीमठ घाटी से विदा लेकर गुप्तकाशी क्षेत्र के नारायणकोटी गांव पहुंची। जहां ग्रामीणों ने डोली का भव्य स्वागत किया। इससे पूर्व कालीमठ मंदिर मेें तुंगनाथ व काली माई का अद्भुत मिलन हुआ।
सोमवार को सिद्धपीठ कालीमठ में आचार्य सुरेंद्र प्रसाद मैठाणी, केवलानंद मैठाणा, हरि बल्लभ मैठाणी, आशीष मैठाणी ने बह्म बेला पर पंचांग पूजन के तहत सभी देवी-देवताओं का आह्वान कर भगवान तुंगनाथ का रुद्राभिषेक किया। इसके बाद भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली का भव्य श्रृंगार किया गया। सुबह 11 बजे भगवान तुंगनाथ की दिवारा यात्रा शुरू होने से पूर्व भगवान तुंगनाथ व भगवती काली के अद्भुत मिलन हुआ। इस मौके पर मठापति राम प्रसाद मैठाणी, दिवारा यात्रा प्रभारी युद्धवीर पुष्वाण, प्रबन्धक प्रकाश पुरोहित, मठापति कालीमठ अब्बल राणा, वेदपाठी रमेश चन्द्र भटट, सुरेशानन्द गौड़, चन्द्र बल्लभ भटट, परमानन्द गौड़, दिनेश गौड़, गजपाल सिहं राणा, शिव सिहं राणा सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद थे। संवाद