अगस्त्यमुनि। क्षेत्रीय स्तरीय मांगल व खुदेड़ गीत प्रतियोगिता की मांगल स्पर्धा में महिला मंगल दल कंडारा व खुदेड़ गीत में इसी गांव की उमा देवी व विमला देवी की टीम प्रथम रही। प्रतियोगिता में सात टीमों ने प्रतिभाग करते हुए लोक संस्कृति पर आधारित प्राचीन मांगल व खुदेड़ गीतों की बेहतरीन प्रस्तुति दी। इस मौके पर विजेताओं को सम्मानित किया गया।
अगस्त्य मंदिर में आयोजित प्रतियोगिता का विधायक मनोज रावत ने उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि किसी भी कला का संरक्षण तभी होगा, जब उसे ज्यादा से ज्यादा लोग अपनाएंगे। उन्होंने धरोहर के रूप में मांगल, जागर, खुदेड़ गीत, घस्यारी गीत के संरक्षण के लिए नई पीढ़ी से आगे आने का आह्वान किया। बताया कि विस के 18 स्थानों पर इस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। इस दौरान टीमों के द्वारा प्रस्तुत मांगल व खुदेड़ गीतों को रिकार्ड किया गया है, जिसका विशेषज्ञों के द्वारा आकलन किया जाएगा। इसके उपरांत आयोजित मांगल गीत स्पर्धा में महिला मंगल दल नाकोट-अगस्त्यमुनि द्वितीय व बनियाड़ी की टीम तृतीय रही। खुदेड़ गीत में अगस्त्यमुनि की नेहा व नाकोट की छुमा देवी ने क्रमश: द्वितीय व तृतीय रहे। इस मौके पर जीजीआईसी अगस्त्यमुनि की प्रधानाचार्या रागिनी नेगी, शिक्षिका कुसुम भट्ट, वन पंचायत सरपंच हर्षवर्धन बेंजवाल, हरीश गुसाईं, शिव सिंह रावत, सुलोचना देवी, दीपा देवी, सरस्वती गुसाईं, माधुरी नेगी, प्रमोद गुसाईं, भूपेंद्र राणा आदि थे।