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वन्य जीव प्रभाग ड्रोन से रखेगा शिकारियों पर नजर
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केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग अब ड्रोन से शिकारियों व अतिक्रमणकारियों पर पैनी नजर रखेगा। शीतकाल में बर्फबारी चोपता, तुंगनाथ, रुद्रनाथ, देवरियाताल व मद्महेश्वर क्षेत्र में ड्रोन से रेकी की जाएगी। इन कैमरों को डीएफओ व रेंज कार्यालय से लिंक किया जाएगा।
1393.84 वर्ग किमी में फैले केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग में 975.2 वर्ग किमी सेंचुरी क्षेत्र फैला हुआ है। इसमें तृतीय केदार तुंगनाथ, चतुर्थ केदार रुद्रनाथ और पर्यटक स्थल चोपता भी शामिल है। प्रभागीय क्षेत्र में मोनाल, हिमालयन थार, घुरड़, लैपर्ड, बाघ समेत कई पशु-पक्षियों की प्रजातियां प्रवास करती हैं। साथ ही उच्च हिमालय क्षेत्र में ब्रह्मकमल, फेन कमल जैसे दुर्लभ पुष्प के साथ कई औषधियों का भंडार भी है। वहीं, तलहटी पर मीलों में बुग्याल भी हैं। कुछ वर्षों में इन क्षेत्रों में वन्य जीवों के अवैध शिकार की शिकायतें मिल रही हैं। साथ ही चोपता समेत अन्य कई स्थानों पर अतिक्रमण भी हुआ है। इसे हटाने के लिए प्रभागीय स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। अब, केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग का अपने संपूर्ण क्षेत्र पर ड्रोन की मदद से पैनी नजर रखेगा। केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के डीएफओ अमित कंवर ने बताया कि बीते वर्ष से लॉकडाउन के बाद से पूरे प्रभागीय क्षेत्र में कई जीवों की संख्या बढ़ी है। इन जीवों के बारे में सही जानकारी प्राप्त करने में ड्रोन की मदद ली जाएगी। साथ ही अतिक्रमण को चिह्नित करने में आसानी होगी। एक ड्रोन खरीद लिया गया है। अगले वित्तीय वर्ष में दो से तीन ड्रोन और खरीदने की योजना है।
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1393.84 वर्ग किमी में फैले केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग में 975.2 वर्ग किमी सेंचुरी क्षेत्र फैला हुआ है। इसमें तृतीय केदार तुंगनाथ, चतुर्थ केदार रुद्रनाथ और पर्यटक स्थल चोपता भी शामिल है। प्रभागीय क्षेत्र में मोनाल, हिमालयन थार, घुरड़, लैपर्ड, बाघ समेत कई पशु-पक्षियों की प्रजातियां प्रवास करती हैं। साथ ही उच्च हिमालय क्षेत्र में ब्रह्मकमल, फेन कमल जैसे दुर्लभ पुष्प के साथ कई औषधियों का भंडार भी है। वहीं, तलहटी पर मीलों में बुग्याल भी हैं। कुछ वर्षों में इन क्षेत्रों में वन्य जीवों के अवैध शिकार की शिकायतें मिल रही हैं। साथ ही चोपता समेत अन्य कई स्थानों पर अतिक्रमण भी हुआ है। इसे हटाने के लिए प्रभागीय स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। अब, केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग का अपने संपूर्ण क्षेत्र पर ड्रोन की मदद से पैनी नजर रखेगा। केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के डीएफओ अमित कंवर ने बताया कि बीते वर्ष से लॉकडाउन के बाद से पूरे प्रभागीय क्षेत्र में कई जीवों की संख्या बढ़ी है। इन जीवों के बारे में सही जानकारी प्राप्त करने में ड्रोन की मदद ली जाएगी। साथ ही अतिक्रमण को चिह्नित करने में आसानी होगी। एक ड्रोन खरीद लिया गया है। अगले वित्तीय वर्ष में दो से तीन ड्रोन और खरीदने की योजना है।
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