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जर्जर स्कूल छत के दिखने लगे है सरिया, दहशत में पढ़ाई कर रहे बच्चे

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 11 Aug 2019 12:45 AM IST
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What would happen if the school's shabby roof fell
गूलरभोज के रा.पू.मा.वी नई बस्ती के कक्ष की जर्जर छत, जिसमें लगी सरियां भी दिखाई देने लगी। - फोटो : RUDRAPUR
अजय अरोरा
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गूलरभोज। पढ़ेगा इंडिया तभी तो बढ़ेगा इंडिया स्लोगन तो आमतौर पर हर जगह लिखा मिल ही जाता है। लेकिन जर्जर और बरसात में टपकती छतों के नीचे कैसे पढ़ेगा इंडिया। ऐसी ही हकीकत शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे के गृहक्षेत्र में स्थित राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय नई बस्ती का भी है। जहां बच्चे जर्जर हाल भवन में शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हो रहे हैं।
रापमावि नई बस्ती की जर्जर भवन में टपकतीं छतें और उसके नीचे शिक्षा ग्रहण करते 57 बच्चों को देखकर लगता है कि ऐसे कैसे सुधरेगा इन बच्चों का भविष्य। सुविधा के नाम पर स्कूल में बच्चों के लिए पीने का पानी तक उपलब्ध नहीं है। जर्जर भवनों की मरम्मत के लिए कई बार उच्चाधिकारियों से संपर्क किया गया लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ।
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स्कूल में प्रधानाचार्य कक्ष, कंप्यूटर कक्ष के अलावा तीन अन्य कक्षों में 6, 7 और 8 के विद्यार्थियों को पढ़ाया जाता है। इन सभी कक्षों की हालत यह है कि छत का प्लास्टर लगातार गिर रहा है और अब तो छत की सरिया भी दिखने लगी है।
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कुछ दिन पहले प्लास्टर का एक हिस्सा पढ़ाई कर रहे बच्चों पर गिर गया गनीमत रही कि कोई बच्चा चोटिल नहीं हुआ। प्रभारी प्रधानाचार्य उमेश पाल ने बताया कि बीते तीन वर्षों से भवन की स्थिति अधिक जर्जर हो गई है। कहा कि बीआरसी और शिक्षा मंत्री के कैंप कार्यालय में उन्होंने मामले की लिखित शिकायत कई बार भेजी हैं इसके बावजूद कोई हल नहीं निकला। बच्चों को पीने को पानी उपलब्ध कराने के लिए स्कूल में अपने स्तर से एक कैंपर रखा गया है।
- क्षेत्रीय विधायक और शिक्षा मंत्री के गृह क्षेत्र के स्कूल दूसरे स्कूलों के लिए एक नजीर होने चाहिए। लेकिन यहां तो स्थित उलट है। अधिकारी वर्ग भी मामले की अनदेखी कर रहा हैं। - रघमति देवी, अध्यक्ष, एसएमसी
- बरसात में छत से पानी टपकने लगता है। प्लास्तर भी उखड़कर कईं बार गिरने लगता है, जिससे छत गिरने का खतरा बना रहता है। - नीतू, दीपक कक्षा छह
- स्कूल में पीने का पानी तक नहीं है। पढ़ाई के दौरान छत गिरने का डर बना रहता है। बरसात में तो दिक्कतें काफी बढ़ जाती हैं। - लवी कक्षा सात, सुजाता कक्षा आठ

स्कूल की हालत वाकई खराब है। इसकी मरम्मत का प्रस्ताव विभाग को भेजा जा चुका है। सरकारी बजट आने में देरी तो होती ही है। ऐसे स्कूलों की हालत सुधारने के लिए निजी कंपनियों की ओर से स्कूलों को गोद लिए जाने का कार्यक्रम भी चल रहा है। इसी के तहत स्कूल की मरम्मत कराई जाएगी। - रवि मेहता, उप शिक्षाधिकारी गदरपुर।

गूलरभोज के रा.पू.मा.वी नई बस्ती का जर्जर पड़ा भवन।

गूलरभोज के रा.पू.मा.वी नई बस्ती का जर्जर पड़ा भवन।- फोटो : RUDRAPUR

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