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अतिवृष्टि से नरकोटा के घरों में घुसा पानी और मलबा
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अगस्त्यमुनि ब्लॉक के ग्राम पंचायत नरकोटा में अतिवृष्टि से भारी नुकसान हुआ है। ग्रामीणों के घरों, खेतों और गोशाला में मलबा भर गया है। जिला आपदा प्रबंधन विभाग ने गांव के दो परिवारों को टेंट मुहैया करवाया है। वहीं अन्य को तिरपाल व स्लीपिंग बैग दिए गए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन पर प्रभावितों की उपेक्षा का आरोप लगाया है। उधर, खेड़ाखाल में चट्टान का बड़ा हिस्सा ढहने से एक आवासीय मकान खतरे की जद में आ गया है।
शनिवार तड़के हुई मूसलाधार अतिवृष्टि से नरकोटा के सैंण तोक निवासी कुलदीप जोशी, हरीश चंद्र जोशी, भगवती प्रसाद सिलोड़ी, पुष्पानंद सिलोड़ी, अनीता देवी, सुरेंद्र प्रसाद, ओम प्रकाश, शिव प्रसाद के घर, आंगन और खेतों में मलबा घुस गया। पानी व मलबे से घरों के अंदर रखी खाद्य सामग्री, बिस्तर, कपडों समेत खेतों में फल-सब्जी भी खराब हो गईं। सूचना पर जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एनएस रजवार के दिशा-निर्देशन में टीम गांव पहुंची। उन्होंने प्रभावितों को टेंट और अन्य सामग्री मुहैया करवाई।
वहीं ग्रामीणों ने उपेक्षा का आरोप लगाते हुए बताया कि 3 मई को अतिवृष्टि से गांव में व्यापक नुकसान हुआ था। तब, प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस कारण दोबारा ये हालात हो गए हैं। प्रभावितों को अहेतुक राशि देकर उन्हें भगवान भरोसे छोड़ा गया है जबकि वे लंबे समय से बस्ती के ऊपरी तरफ ट्रीटमेंट करने और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। प्रभावितों ने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के निमाण में हो रहे विस्फोटकों के इस्तेमाल से भी खतरे की आशंका जताई है। भाजपा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र जोशी, उप प्रधान कुलदीप जोशी, मुकेश सिलोड़ी, सुखदेव सिलोडी, भगवती प्रसाद, चक्रधर जोशी, ओम प्रकाश नैनवाल, पुरुषोत्तम जोशी, प्रवेश सिलोडी ने शासन से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की मांग की है।
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उधर, फतेहपुर गांव में भी बारिश का पानी कई घरों में घुस गया। दूसरी तरफ ग्राम पंचायत नवासू के खेड़ाखाल में पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा भरभरा कर खांकरा-कांडई-खेड़ाखाल मोटर मार्ग पर जा गिरा। चट्टान से टूटे हिस्से के मलबे से दिनेश सिंह कठैत के आवासीय मकान को भी खतरा पैदा हो गया है। वहीं बारिश से डांडरा तोक निवासी गोपाल सिंह रौथाण की गोशाला को नुकसान हुआ है। इधर, जिला मुख्यालय के ठीक सामने जवाड़ी गांव में भी मोटर मार्ग पर जमा बरसाती पानी आवासीय घरों में घुस रहा है। ग्राम प्रधान पार्वती नौटियाल ने बताया कि सड़क पर दरारें पड़ने से आसपास के घरों को खतरा हो गया है। वहीं जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एनएस रजवार व राजस्व उप निरीक्षक का कहना है कि गांव में प्रभावितों को 2 टेंट, 2 तिरपाल और 12 स्लीपिंग बैग दिए गए हैं।
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शनिवार तड़के हुई मूसलाधार अतिवृष्टि से नरकोटा के सैंण तोक निवासी कुलदीप जोशी, हरीश चंद्र जोशी, भगवती प्रसाद सिलोड़ी, पुष्पानंद सिलोड़ी, अनीता देवी, सुरेंद्र प्रसाद, ओम प्रकाश, शिव प्रसाद के घर, आंगन और खेतों में मलबा घुस गया। पानी व मलबे से घरों के अंदर रखी खाद्य सामग्री, बिस्तर, कपडों समेत खेतों में फल-सब्जी भी खराब हो गईं। सूचना पर जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एनएस रजवार के दिशा-निर्देशन में टीम गांव पहुंची। उन्होंने प्रभावितों को टेंट और अन्य सामग्री मुहैया करवाई।
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वहीं ग्रामीणों ने उपेक्षा का आरोप लगाते हुए बताया कि 3 मई को अतिवृष्टि से गांव में व्यापक नुकसान हुआ था। तब, प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस कारण दोबारा ये हालात हो गए हैं। प्रभावितों को अहेतुक राशि देकर उन्हें भगवान भरोसे छोड़ा गया है जबकि वे लंबे समय से बस्ती के ऊपरी तरफ ट्रीटमेंट करने और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। प्रभावितों ने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के निमाण में हो रहे विस्फोटकों के इस्तेमाल से भी खतरे की आशंका जताई है। भाजपा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र जोशी, उप प्रधान कुलदीप जोशी, मुकेश सिलोड़ी, सुखदेव सिलोडी, भगवती प्रसाद, चक्रधर जोशी, ओम प्रकाश नैनवाल, पुरुषोत्तम जोशी, प्रवेश सिलोडी ने शासन से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की मांग की है।
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उधर, फतेहपुर गांव में भी बारिश का पानी कई घरों में घुस गया। दूसरी तरफ ग्राम पंचायत नवासू के खेड़ाखाल में पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा भरभरा कर खांकरा-कांडई-खेड़ाखाल मोटर मार्ग पर जा गिरा। चट्टान से टूटे हिस्से के मलबे से दिनेश सिंह कठैत के आवासीय मकान को भी खतरा पैदा हो गया है। वहीं बारिश से डांडरा तोक निवासी गोपाल सिंह रौथाण की गोशाला को नुकसान हुआ है। इधर, जिला मुख्यालय के ठीक सामने जवाड़ी गांव में भी मोटर मार्ग पर जमा बरसाती पानी आवासीय घरों में घुस रहा है। ग्राम प्रधान पार्वती नौटियाल ने बताया कि सड़क पर दरारें पड़ने से आसपास के घरों को खतरा हो गया है। वहीं जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एनएस रजवार व राजस्व उप निरीक्षक का कहना है कि गांव में प्रभावितों को 2 टेंट, 2 तिरपाल और 12 स्लीपिंग बैग दिए गए हैं।