कालीमठ घाटी का दूरस्थ ब्यूंखी गांव मोटर मार्ग से जुड़ गया है। कालीमठ से पहली बार गांव तक दो मैक्स वाहन पहुंचने पर ग्रामीण खुशी से झूम उठे। इस अवसर पर उन्होंने वाहन चालकों का फूल-मालाओं से माल्यार्पण किया गया। साथ ही पीएमजीएसवाई के अधिकारियों का भी विशेष आभार जताया। मार्ग बनने से अब ग्रामीणों को दो तरफा सात किमी पैदल दूरी से निजात मिल गई है।
उत्तराखंड राज्य निर्माण के बाद से ऊखीमठ विकासखंड के दूरस्थ गांवों में शामिल ब्यूंखी के ग्रामीण मोटर मार्ग की मांग करते आ रहे थे। कई बार के आंदोलन के बाद 2018-19 में पीएमजीएसवाई के तहत सात किमी कुणजेठी-ब्यूंखी मोटर मार्ग स्वीकृत किया गया। पीएमजीएसवाई सिंचाई खंड जखोली ने मार्ग का निर्माण शुरू करते हुए अभी तक ब्यूंखी तक 6 किमी सड़क बना दी है। शेष डेढ़ किमी का कार्य जोरों पर चल रहा है, जिसके अगले दो-तीन माह में पूरा होने की उम्मीद है। इधर, ब्यूंखी तक मार्ग बनने पर दो दिन पूर्व कालीमठ से गांव के योगी राणा और संदीप राणा अपना मैक्स वाहन निर्माणाधीन मार्ग से लेकर गांव पहुंचे। प्रधान सुदर्शन सिंह राणा ने बताया कि सड़क बनने से ब्यूंखी के 110 परिवारों को अब मीलों पैदल दूरी नहीं नापनी पड़ेगी। साथ ही गांव में विकास कार्यों को भी गति मिलेगी। सात किमी मार्ग का छह किमी निर्माण हो चुका है। कुणजेणी के खेती नांदला तोक को जोड़ने के लिए इन दिनों कार्य जोरों पर चल रहा है। इस मार्ग के बनने से सिद्धपीठ कालशिला की दूरी भी लगभग तीन किमी कम हो गई है। महिला मंगल दल अध्यक्ष सुमन असवाल, राम सिंह रावत, नव युवक मंगल दल अध्यक्ष संदीप सिंह आदि ने मार्ग बनने पर खुशी जताई है। इधर, पीएमजीएसवाई सिंचाई खंड जखोली के अधिशासी अभियंता पवन कुमार ने बताया कि दो-तीन माह में सड़क पूरी बन जाएगी। मार्ग की चौड़ाई भी एक समान करने के लिए चट्टानी क्षेत्रों में पुन: मशीन से कटिंग की जाएगी।