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स्वरोजगार के लिए ढाई सौ प्रवासियों ने किया पंजीकरण
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लॉकडाउन में बाहरी राज्यों से जिले में पहुंच रहे प्रवासी युवा अब अपने गांव में ही स्वरोजगार के जरिए आर्थिकी को मजबूत करना चाहते हैं। जिले में पहुंचे प्रवासी युवाओं में ढाई सौ ने अलग-अलग विभागों में स्वरोजगार के लिए पंजीकरण किया है। जबकि चार सौ से अधिक युवाओं ने प्रशिक्षण के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है। मनरेगा योजना में भी प्रवासी युवा रुचि दिखा रहे हैं।
बीते एक माह में जनपद में लगभग 22 हजार प्रवासी पहुंच चुके हैं, जिसमें 60 फीसदी युवा हैं। इन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार मुहैया कराकर पलायन से वीरान हो चुके जिले के गांवों को फिर से आबाद करने के लिए मुख्य विकास अधिकारी के नेतृत्व में विभागीय अधिकारी योजनाएं बनाने में जुटे हैं। इधर, बीते एक पखवाड़े में गांवों में लौटे प्रवासी युवाओं में 250 ने विकास विभाग के माध्यम से पशुपालन, मुर्गी पालन, सब्जी व मशरूम उत्पादन, डेयरी, मस्त्य पालन के लिए अपना पंजीकरण कर दिया है। जबकि 400 युवाओं ने आरसेटी के माध्यम से स्वरोजगार को लेकर होने वाले प्रशिक्षणों के लिए ऑलनाइन आवेदन किया है। बाहरी राज्यों से लौटे ये युवा मनरेगा के कार्यों में भी दिलचस्पी दिखा रहे हैं और गांवों में होने वाले विकास कार्यों में भागीदारी कर रहे हैं। जिले में मनरेगा में बीते 20 दिनों में ही 594 नए पंजीकरण हो चुके हैं। जबकि 228 ने अपने जॉबकार्ड भी बना दिए हैं। इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी मनवेंद्र कौर ने बताया कि मनरेगा में प्रवासी युवाओं की भागीदारी से गांवों में होने वाले विकास कार्यों को नई दिशा मिलेगी। बताया कि प्रवासियों को हस्तशिल्प, दस्तकारी, डेयरी, लघु उद्योग लगाने के लिए बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराने में सहयोग किया जाएगा।
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बीते एक माह में जनपद में लगभग 22 हजार प्रवासी पहुंच चुके हैं, जिसमें 60 फीसदी युवा हैं। इन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार मुहैया कराकर पलायन से वीरान हो चुके जिले के गांवों को फिर से आबाद करने के लिए मुख्य विकास अधिकारी के नेतृत्व में विभागीय अधिकारी योजनाएं बनाने में जुटे हैं। इधर, बीते एक पखवाड़े में गांवों में लौटे प्रवासी युवाओं में 250 ने विकास विभाग के माध्यम से पशुपालन, मुर्गी पालन, सब्जी व मशरूम उत्पादन, डेयरी, मस्त्य पालन के लिए अपना पंजीकरण कर दिया है। जबकि 400 युवाओं ने आरसेटी के माध्यम से स्वरोजगार को लेकर होने वाले प्रशिक्षणों के लिए ऑलनाइन आवेदन किया है। बाहरी राज्यों से लौटे ये युवा मनरेगा के कार्यों में भी दिलचस्पी दिखा रहे हैं और गांवों में होने वाले विकास कार्यों में भागीदारी कर रहे हैं। जिले में मनरेगा में बीते 20 दिनों में ही 594 नए पंजीकरण हो चुके हैं। जबकि 228 ने अपने जॉबकार्ड भी बना दिए हैं। इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी मनवेंद्र कौर ने बताया कि मनरेगा में प्रवासी युवाओं की भागीदारी से गांवों में होने वाले विकास कार्यों को नई दिशा मिलेगी। बताया कि प्रवासियों को हस्तशिल्प, दस्तकारी, डेयरी, लघु उद्योग लगाने के लिए बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराने में सहयोग किया जाएगा।
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