केदारनाथ को रुद्रप्रयाग से जोड़ने के लिए निर्मित सुरंग की जर्जर हो चुकी लाइनिंग की मरम्मत का कार्य 17 दिन बाद भी शुरू नहीं हो पाया है। वहीं, बाजार में दोतरफा यातायात से जाम लग रहा है, जिससे लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इधर, जिलाधिकारी ने सुरंग की मरम्मत में हो रही देरी पर एनएच से जवाब मांगा है।
बीते 26 नवंबर की शाम को जर्जर हो चुकी सुरंग की लाइनिंग से एक साथ पांच-छह ब्लॉक नीचे गिर गए थे, जिसके बाद, प्रशासन के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग द्वारा सुरंग से आवाजाही बंद करते हुए दो तरफा बैरिकेडिंग कर दी थी। जबकि 27 नवंबर को एनएच द्वारा जर्जर लाइनिंग को तोड़ने का काम भी शुरू कर दिया गया, लेकिन 29 नवंबर तक सुरंग के 21 मीटर हिस्से पर लगे ब्लॉक को निकालने के बाद कार्य बंद कर दिया गया, जो अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। विभागीय स्तर पर बरती जा रही उदासीनता आमजन पर भारी पड़ रही है। क्योंकि सुरंग बंद होने के कारण जनपद चमोली व केदारघाटी से आने वाले वाहन मुख्य बाजार होकर गुजर रहे हैं, जिससे आए दिन जाम लग रहा है। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष ईश्वर सिंह बिष्ट, महामंत्री शैलेंद्र गोस्वामी, उक्रांद के जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद नौटियाल का कहना है कि सुरंग मरम्मत में 45 दिन का समय लगेगा, लेकिन जिस तरह से देरी हो रही है, उससे नहीं लगता कि फरवरी-मार्च तक भी सुरंग दुरुस्त हो पाएगी। इधर, जिलाधिकारी मनुज गोयल ने सुरंग की मरम्मत में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए एनएच से जवाब मांगा है। दूसरी तरफ एनएच के ईई जितेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि 11 दिसंबर को निविदा खुल चुकी है। दो-तीन दिन में कार्यदायी संस्था द्वारा मरम्मत कार्य शुरू कर दिया जाएगा।