{"_id":"57bc76ef4f1c1b8e63d5088e","slug":"to-halt-the-movement-of-vehicles-from-fata-sonprayag","type":"story","status":"publish","title_hn":"फाटा से लेकर सोनप्रयाग तक वाहनों की आवाजाही ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फाटा से लेकर सोनप्रयाग तक वाहनों की आवाजाही ठप
ब्यूरो/अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
Updated Tue, 23 Aug 2016 09:46 PM IST
विज्ञापन
रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर खाट गांव के नीचे भूस्खलन प्रभावित जोन मेंं पहाड़ी को काटकर इस तरह से बनाई जा रही है सड़क। पिछले आठ दिन से फाटा भी नहीं पहुंच पा रहे वाहन।
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खाट गांव के नीचे से हो रहे भूस्खलन और भू-धंसाव रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए नासूर बन गया है। पिछले 15 दिन में सुधार कार्य पर 10 लाख रुपये से अधिक खर्च के बाद भी सड़क पर यातायात बहाल नहीं हो पाया है।
विज्ञापन
इस माह के पहले सप्ताह से राजमार्ग प्रभावित क्षेत्र में भूधंसाव की चपेट में है। यहां पर साठ मीटर सड़क ध्वस्त हो गई है। दस दिन से खाट से आगे फाटा से लेकर सोनप्रयाग तक वाहनों की आवाजाही ठप है। इस वजह से क्षेत्र के 15 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों के साथ ही केदारनाथ यात्रा पर आ रहे यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। राजमार्ग के बंद होने से फाटा, रामपुर, सीतापुर, सोनप्रयाग और गौरीकुंड बाजार में जरूरी वस्तुओं की सप्लाई पर भी असर पड़ा है।
विज्ञापन
इधर, राष्ट्रीय राजमार्ग खंड, लोनिवि द्वारा वायरक्रेट की मदद से भू-धंसाव जोन में पुश्ता निर्माण का कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है। मशीनों की मदद से ऊपरी तरफ पहाड़ी काटकर दस मीटर अतिरिक्त सड़क तैयार की जा रही है।
विज्ञापन
इधर, ग्राम पंचायत खड़िया के प्रधान त्रिलोक सिंह, ग्राम पंचायत खाट की प्रधान दुर्गा देवी आदि का कहना है कि आपदा के बाद से खाट गांव के नीचे भू-धंसाव से स्थिति संवेदनशील हो गई है। लगातार हो रही बारिश से हालात गंभीर हो गए हैं। ऐसे में गांव की छह गोशाला, पंचायत भवन और स्कूल भवन कभी भी ढह सकते हैं। उन्होंने समस्या के स्थायी निस्तारण के लिए फाटा-महिषमर्दिनी पैदल मार्ग को विकसित कर राजमार्ग से लिंक करने की मांग की है।
खाट गांव के नीचे रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग की स्थिति अति संवेदनशील बनी हुई है। अस्थायी व्यवस्था के तहत वायरक्रेट की मदद से और पहाड़ी काटकर सड़क बनाई जा रही है। राजमार्ग को नियमित रूप से बहाल रखने के लिए स्थायी समाधान के विकल्प की जरूरत है।
भुवन चंद्र पांडे
एई, एनएन निर्माण खंड, लोनिवि, रुद्रप्रयाग