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बारिश के खतरे से तीन परिवारों ने छोड़े घर
ब्यूरो/अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
Updated Thu, 30 Jun 2016 08:47 PM IST
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कई दिनों से रात में हो रही बारिश से ऊखीमठ-गोपेश्वर राजमार्ग के मलबे से भट्टेश्वर वार्ड के जाखणी कस्बे को खतरा पैदा हो गया है। ऐसे में तीन परिवारों ने अपने मकान छोड़कर बाजार में शरण ले ली है। बरसात से गांवों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
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बुधवार मध्य रात्रि से बृहस्पतिवार तड़के तक हुई तेज बारिश से नगर पंचायत के जाखणी तोक में पानी और मलबे से कई मकान खतरे की जद में आ गए। 24 परिवारों वाले कस्बे में सुरक्षा इंतजाम नहीं होने और जानमाल के नुकसान के भय से जयप्रकाश पंवार, जगमोहन बिष्ट और रघुवीर सिंह ने अपने आवासीय मकान छोड़कर बाजार में किराये पर कमरा ले लिया है। उनका कहना है कि एक पखवाड़े से आए दिन हो रही बारिश से मकान व आंगन को क्षति पहुंची है।
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राजमार्ग से बहकर आ रहा मलबा व पानी कभी भी कस्बे में अनहोनी का कारण बन सकता है। प्रशासन व नगर पंचायत को अवगत कराने के बाद भी सुरक्षा इंतजाम नहीं हो रहे हैं। गुलाब सिंह का कहना कि एक सप्ताह से लोग रतजगा कर रहे हैं। उधर निर्माणाधीन ऊखीमठ-पेंज-करोखी मार्ग के मलबे से डुंगर-सेमला गांव की पेयजल लाइन ध्वस्त हो गई है। ग्रामीण अव्वल दास के मकान का चौक टूटने से भवन पर दरारें पड़ गई हैं।
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गांव के चौड़ी तोम में बरसाती गदेरे के ऊफान से दो तरफा भूस्खलन हो रहा है, जिससे कई आवासीय मकान, गोशाला और खेत-खलियानों खतरे की जद में आ गए हैं। इधर, एसडीएम उत्तम सिंह चौहान ने बताया कि पिछले दस दिनों से क्षेत्र में रात को हो रही बारिश से गांवों में नुकसान की शिकायतें मिल रही हैं। राजस्व पुलिस को निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं।