{"_id":"5e13662d8ebc3e8818229397","slug":"three-anganwadi-workers-and-a-servant-suspended-rudrapryag-news-drn331894275","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व एक सेविका को किया निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व एक सेविका को किया निलंबित
विज्ञापन
रुद्रप्रयाग। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने तीन माह से केंद्रों की रिपोर्ट नहीं देने और अनुपस्थित रहने पर तीन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व एक सेविका को निलंबित कर दिया है। साथ ही लंबे समय से कार्य बहिष्कार कर धरना दे रहे अन्य कार्यकर्ताओं व सेविकाओं को भी अपने केंद्रों में नियमित उपस्थित रहने के आदेश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि बीते वर्ष 24 दिसंबर को सतेराखाल, स्यूंपुरी आंगनबाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण किया गया था। तब कार्यकर्ता व सेविकाएं अनुपस्थित पाई गई थीं। साथ ही मिनी आंगनबाड़ी केंद्र सेमी तल्ली व बरम्वाड़ी में भी कार्यकर्ता बीते तीन माह से अनुपस्थित थीं। इस पर जिला कार्यक्रम अधिकारी हिमांशु बडोला ने उन्हें निलंबित किया है। बडोला ने बताया कि सेमी तल्ली व बरम्वाड़ी केंद्र से बीते तीन माह से मासिक प्रगति रिपोर्ट भी नहीं मिल रही थी। इधर, सोमवार को कार्यकर्ताओं व सेविकाओं ने जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल से मुलाकात करते हुए निलंबित कार्मिकों को बहाल करने की मांग की। इस पर, डीएम ने कहा कि वे कार्य बहिष्कार से भी पहले से अनुपस्थित चल रहीं थीं। साथ ही केंद्रों की रिपोर्ट भी नहीं भेज रही थीं। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सेविकाओं को मंगलवार से केंद्रों को खोलने को कहा। अन्यथा उनके विरुद्ध भी निलंबन की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इधर, संगठन की जिलाध्यक्ष सुनीता बर्त्वाल समेत अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि वे प्रांतीय नेतृत्व के आदेश पर ही अग्रिम निर्णय लेंगे। अगर उन्हें निलंबित किया गया त, वे आंदोलन तेज करेंगे। दूसरी तरफ पुराने विकास भवन समेत जखोली व ऊखीमठ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सेविकाओं का छह सूत्री मांगों को लेकर धरना जारी रहा।
विज्ञापन
जिलाधिकारी ने बताया कि बीते वर्ष 24 दिसंबर को सतेराखाल, स्यूंपुरी आंगनबाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण किया गया था। तब कार्यकर्ता व सेविकाएं अनुपस्थित पाई गई थीं। साथ ही मिनी आंगनबाड़ी केंद्र सेमी तल्ली व बरम्वाड़ी में भी कार्यकर्ता बीते तीन माह से अनुपस्थित थीं। इस पर जिला कार्यक्रम अधिकारी हिमांशु बडोला ने उन्हें निलंबित किया है। बडोला ने बताया कि सेमी तल्ली व बरम्वाड़ी केंद्र से बीते तीन माह से मासिक प्रगति रिपोर्ट भी नहीं मिल रही थी। इधर, सोमवार को कार्यकर्ताओं व सेविकाओं ने जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल से मुलाकात करते हुए निलंबित कार्मिकों को बहाल करने की मांग की। इस पर, डीएम ने कहा कि वे कार्य बहिष्कार से भी पहले से अनुपस्थित चल रहीं थीं। साथ ही केंद्रों की रिपोर्ट भी नहीं भेज रही थीं। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सेविकाओं को मंगलवार से केंद्रों को खोलने को कहा। अन्यथा उनके विरुद्ध भी निलंबन की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इधर, संगठन की जिलाध्यक्ष सुनीता बर्त्वाल समेत अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि वे प्रांतीय नेतृत्व के आदेश पर ही अग्रिम निर्णय लेंगे। अगर उन्हें निलंबित किया गया त, वे आंदोलन तेज करेंगे। दूसरी तरफ पुराने विकास भवन समेत जखोली व ऊखीमठ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सेविकाओं का छह सूत्री मांगों को लेकर धरना जारी रहा।
विज्ञापन