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बारिश से ऊखीमठ नगर पंचायत क्षेत्र में अफरा तफरी
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चार घंटे की मूसलाधार बारिश से ऊखीमठ नगर पंचायत के चुन्नी, मंगोली, ब्राह्मणखोली, प्रेमनगर क्षेत्र में अफरा तफरी का माहौल रहा। मलबा आने से कुंड- गोपेश्वर हाईवे क्षतिग्रस्त हो गया है जिससे करीब चार घंटे यातायात ठप रहा। ग्रामीणों के खेत-खलिहानों में पानी के साथ मलबा भरा गया।
शनिवार तड़के 3 से सुबह 7 बजे तक हुई मूसलाधार बारिश ने लोगों को आपदा की याद दिला दी। मंगोली निवासी प्रदीप धरम्वाण, अरविंद धरम्वाण ने बताया कि सुबह लगभग 4:30 बजे गांव के ऊपर जंगल में बिजली कड़कने की तेज आवाज आई और कुछ देर बाद चुन्नी-मंगोली-जैयवीरी गदेरा में गर्जना के साथ सैलाब आया। गदेरे के सैलाब से टेंट कॉलोनी के पुश्ते व किचन की दीवारें भी क्षतिग्रस्त हो गई। रजपाल धरम्वाण, सतीश धरम्वाण, श्रादुल रावत ने बताया कि उनके खेत-खलियान पानी व मलबे से भरे हुए हैं। डंगवाड़ी निवासी पूर्व प्रमुख लक्ष्मी प्रसाद भट्ट ने बताया कि बारिश से उनके मकान के निचले हिस्से में पानी भरने के कारण उन्हें तड़के चार बजे तक मकान खाली करना पड़ा।
व्यापारी प्रेम प्रकाश नौटियाल, संदीप बर्त्वाल ने बताया कि नाली नहीं होने से तेज बारिश होते ही दुकानों में पानी भर जाता है।
ट्रीटमेंट की नहीं बन पाई योजना
वर्ष 2012 में ऊखीमठ से लगे मंगोली, चुन्नी, ब्राह्मणखोली, प्रेमनगर के ऊपर बादल फटा था जिससे मंगोली-चुन्नी-जैयवीरी गदेरा में भारी मलबा व पानी का सैलाब उमड़ पड़ा था। इसमें 62 लोग दब गए थे। 51 मकान क्षतिग्रस्त हो गए थे। तब शासन-प्रशासन स्तर पर गदेरे के ट्रीटमेंट की बात कही गई लेकिन एक दशक बीत जाने के बाद भी सुरक्षा कार्य तो दूर मंगोली-चुन्नी-जैयवीरी गदेरा के ट्रीटमेंट की योजना तक नहीं बन पाई है।
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भूधंसाव से हाईवे का तीन सौ मीटर हिस्सा प्रभावित
मंदाकिनी नदी के तेज बहाव से कुंड-चोपता-गोपेश्वर राजमार्ग जैयवीरी में तीन सौ मीटर भूधंसाव में आ गया है। यहां जगह-जगह कई फीट गहरी दरारें पड़ने से सड़क पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। सुबह के समय लोग हाईवे पर पैदल भी नहीं चल पाए। पूर्वाह्न करीब 11 बजे एनएच-लोनिवि निर्माण खंड रुद्रप्रयाग ने प्रारंभिक सुुुधारीकरण कर यातायात बहाल कर दिया है। एनएच के ईई निर्भय सिंह ने बताया कि मंदाकिनी नदी के तेज बहाव से हाईवे की स्थिति खराब हो गई है।
बारिश से चुन्नी, मंगोली, ब्राह्मणखोली, प्रेमनगर सहित अन्य स्थानों पर ग्रामीणों की परिसंपत्तियों को नुकसान हुआ है। राजस्व विभाग के साथ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया है। जहां-जहां स्थिति ज्यादा खराब है वहां प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाएगा।
- दीवान सिंह राणा, तहसीलदार ऊखीमठ
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शनिवार तड़के 3 से सुबह 7 बजे तक हुई मूसलाधार बारिश ने लोगों को आपदा की याद दिला दी। मंगोली निवासी प्रदीप धरम्वाण, अरविंद धरम्वाण ने बताया कि सुबह लगभग 4:30 बजे गांव के ऊपर जंगल में बिजली कड़कने की तेज आवाज आई और कुछ देर बाद चुन्नी-मंगोली-जैयवीरी गदेरा में गर्जना के साथ सैलाब आया। गदेरे के सैलाब से टेंट कॉलोनी के पुश्ते व किचन की दीवारें भी क्षतिग्रस्त हो गई। रजपाल धरम्वाण, सतीश धरम्वाण, श्रादुल रावत ने बताया कि उनके खेत-खलियान पानी व मलबे से भरे हुए हैं। डंगवाड़ी निवासी पूर्व प्रमुख लक्ष्मी प्रसाद भट्ट ने बताया कि बारिश से उनके मकान के निचले हिस्से में पानी भरने के कारण उन्हें तड़के चार बजे तक मकान खाली करना पड़ा।
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व्यापारी प्रेम प्रकाश नौटियाल, संदीप बर्त्वाल ने बताया कि नाली नहीं होने से तेज बारिश होते ही दुकानों में पानी भर जाता है।
ट्रीटमेंट की नहीं बन पाई योजना
वर्ष 2012 में ऊखीमठ से लगे मंगोली, चुन्नी, ब्राह्मणखोली, प्रेमनगर के ऊपर बादल फटा था जिससे मंगोली-चुन्नी-जैयवीरी गदेरा में भारी मलबा व पानी का सैलाब उमड़ पड़ा था। इसमें 62 लोग दब गए थे। 51 मकान क्षतिग्रस्त हो गए थे। तब शासन-प्रशासन स्तर पर गदेरे के ट्रीटमेंट की बात कही गई लेकिन एक दशक बीत जाने के बाद भी सुरक्षा कार्य तो दूर मंगोली-चुन्नी-जैयवीरी गदेरा के ट्रीटमेंट की योजना तक नहीं बन पाई है।
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भूधंसाव से हाईवे का तीन सौ मीटर हिस्सा प्रभावित
मंदाकिनी नदी के तेज बहाव से कुंड-चोपता-गोपेश्वर राजमार्ग जैयवीरी में तीन सौ मीटर भूधंसाव में आ गया है। यहां जगह-जगह कई फीट गहरी दरारें पड़ने से सड़क पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। सुबह के समय लोग हाईवे पर पैदल भी नहीं चल पाए। पूर्वाह्न करीब 11 बजे एनएच-लोनिवि निर्माण खंड रुद्रप्रयाग ने प्रारंभिक सुुुधारीकरण कर यातायात बहाल कर दिया है। एनएच के ईई निर्भय सिंह ने बताया कि मंदाकिनी नदी के तेज बहाव से हाईवे की स्थिति खराब हो गई है।
बारिश से चुन्नी, मंगोली, ब्राह्मणखोली, प्रेमनगर सहित अन्य स्थानों पर ग्रामीणों की परिसंपत्तियों को नुकसान हुआ है। राजस्व विभाग के साथ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया है। जहां-जहां स्थिति ज्यादा खराब है वहां प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाएगा।
- दीवान सिंह राणा, तहसीलदार ऊखीमठ