अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की मांग को लेकर त्रियुगीनारायण के ग्रामीणों ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार व स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मांगपूर्ति तक आंदोलनरत रहने का संकल्प भी लिया।
शनिवार को ग्रामीणों ने अस्पताल की मांग को लेकर एक स्वर में आमरण अनशन का संकल्प लिया। पहले दिन महिला मंगल दल अध्यक्ष अनीता देवी, अंकित गैरोला व रामचंद्र सेमवाल ने आमरण अनशन किया। उनका कहना था कि मांगपूर्ति के लिए जो भी संभव होगा, ग्रामीण एकजुट होकर करेंगे। ग्राम प्रधान प्रियंका तिवारी ने कहा कि 37 दिन तक क्रमिक अनशन करते हुए ग्रामीणों ने संयम व धैर्य का परिचय दिया। इस दौरान सत्तादल के कई लोग अनशन स्थल पर पहुंचे और अस्पताल की मांग को लेकर आश्वस्त भी किया। यहां तक कि स्वयं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने फोन पर ग्रामीणों से वार्ता करते हुए गांव पहुंचकर मांगपूर्ति की बात कही। अब 20 दिन बीत जाने के बाद भी वे नहीं पहुंचे। इससे ग्रामीण आहत हैं। सामाजिक कार्यकर्ता दिवाकर गैरोला ने बताया कि आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज करते हुए सोनप्रयाग, गुप्तकाशी और ऊखीमठ में प्रदर्शन भी किया जाएगा। इस मौके पर महेंद्र सेमवाल, राजेश भट्ट, विश्वेश्वरी देवी, भगवती प्रसाद, बीरेंद्र, अनपू सेमवाल समेत युवक व महिला मंगल दल के पदाधिकारी मौजूद थे।