साइबर ठगी का शिकार हुए एक व्यक्ति खाते से निकाले गए 17 हजार नौ 99 रुपये, पुलिस ने वापस दिला दिए। पुलिस ने लोगों से साइबर ठगी से बचने के लिए अपनी बैंक संबंधित जानकारी साझा न करने की अपील की है।
बीते 7 अप्रैल को ऑलवेदर रोड परियोजना में कार्य करने वाले मोहम्मद उमर खान पुत्र निजामुद्दीन खान, निवासी जमुई बिहार, ने फाटा चौकी में तहरीर दी। कहना था कि उसके मोबाइल पर एक मैसेज आया था, जिसे क्लिक करते ही 540 रुपये कट गए थे। रुपये कटने पर गूगल कस्टमर केयर से एक मोबाइल नंबर मिला, जिसके माध्यम से रजिस्टर्ड नंबर (जिससे मोबाइल पर मैसेज आया था) की जानकारी मांगी गई। रजिस्टर्ड नंबर उपलब्ध कराने के बाद तकनीकी मदद के नाम पर एक एप डाउनलोड कराया गया। एप के जरिए जो भी जानकारी मांगी गई, वह मेरे द्वारा दी गई। कुछ ही देर में एनी डेस्क द्वारा मेरे एटीएम कार्ड की फोटो उपलब्ध कराई गई और फिर कुछ ही देर में खाते से 17999 रुपये निकाले गए। तहरीर के आधार पर साइबर सेल में नियुक्त राकेश रावत ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन शॉपिंग के लिए खाते से निकाली गई धनराशि फ्लिपकार्ड पर रोककर वापस कराई। इधर, सीओ जीएल कोहली ने लोगों से साइबर ठगी से बचने के लिए मोबाइल पर एटीएम, आधार कार्ड या बैंक से जुड़ी किसी भी प्रकार की जानकारी को साझा न करने की अपील की है। संवाद