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पूर्व विधायक ने निर्दलीय चुनाव लड़ने के दिए संकेत
ब्यूरो/ अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
Updated Tue, 17 Jan 2017 10:24 PM IST
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निर्दलीय चुनाव लड़ने के दिए संकेत
- फोटो : amar ujala.
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भाजपा में केदारनाथ सीट पर टिकट बंटवारे से नाराज पूर्व विधायक आशा नौटियाल ने निर्दलीय चुनाव लड़ने के संकेत दे दिए हैं। उन्होंने अभी यह निर्णय जनता व अपने कार्यकर्ताओं पर छोड़ा है, लेकिन यह तय है कि आने वाले दिनों में पूर्व विधायक पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती हैं।
यहां आयोजित प्रेसवार्ता में भाजपा नेत्री नौटियाल ने कहा कि केदारनाथ विधानसभा सीट पर किए गए टिकट बंटवारे से पार्टी कार्यकर्ता व जनता हैरान हैं। उन्होंने पार्टी हाईकमान के फैसले को केदारघाटी का अपमान बताया। कहा कि जिन लोगों ने पांच वर्ष तक जनता की उपेक्षा की और आपदा राहत के नाम पर भ्रष्टाचार किया, उन्हें ही टिकट दिया गया है।
वह स्वयं पार्टी के लिए समर्पित हैं। इसके बावजूद उन्हें टिकट से वंचित रखा गया है। कहा कि केदारनाथ विधानसभा सीट के लिए पार्टी के अन्य लोगों ने भी दावेदारी की थी, लेकिन जिस तरह से हाईकमान द्वारा सभी को दरकिनार कर टिकट आबंटित किया गया है वह सही नहीं है। कहा कि वे कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर अपनी आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगी।
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यदि जनता व कार्यकर्ता चाहेंगे तो वे जरूर निर्दलीय चुनाव लड़ेंगी। इस दौरान भाजपा के कई पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने पूर्व विधायक के समर्थन में नारेबाजी की। आशा नौटियाल भाजपा के टिकट पर वर्ष 2007 में केदारनाथ सीट से विधायक चुनी गई थी। 2012 में उन्हें कांग्रेस प्रत्याशी शैलारानी रावत ने पराजित किया था।
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यहां आयोजित प्रेसवार्ता में भाजपा नेत्री नौटियाल ने कहा कि केदारनाथ विधानसभा सीट पर किए गए टिकट बंटवारे से पार्टी कार्यकर्ता व जनता हैरान हैं। उन्होंने पार्टी हाईकमान के फैसले को केदारघाटी का अपमान बताया। कहा कि जिन लोगों ने पांच वर्ष तक जनता की उपेक्षा की और आपदा राहत के नाम पर भ्रष्टाचार किया, उन्हें ही टिकट दिया गया है।
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वह स्वयं पार्टी के लिए समर्पित हैं। इसके बावजूद उन्हें टिकट से वंचित रखा गया है। कहा कि केदारनाथ विधानसभा सीट के लिए पार्टी के अन्य लोगों ने भी दावेदारी की थी, लेकिन जिस तरह से हाईकमान द्वारा सभी को दरकिनार कर टिकट आबंटित किया गया है वह सही नहीं है। कहा कि वे कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर अपनी आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगी।
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यदि जनता व कार्यकर्ता चाहेंगे तो वे जरूर निर्दलीय चुनाव लड़ेंगी। इस दौरान भाजपा के कई पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने पूर्व विधायक के समर्थन में नारेबाजी की। आशा नौटियाल भाजपा के टिकट पर वर्ष 2007 में केदारनाथ सीट से विधायक चुनी गई थी। 2012 में उन्हें कांग्रेस प्रत्याशी शैलारानी रावत ने पराजित किया था।