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Rudraprayag News: भगवान मद्महेश्वर मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए हुए बंद

Wed, 20 Nov 2024 10:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग Updated Wed, 20 Nov 2024 10:30 PM IST
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The doors of Lord Madmaheshwar temple are closed for winter.
भगवान मद्महेश्वर की चल उत्सव विग्रह डोली मंदिर के कपाट बंद होने पर वहां मौजूद अपने तामपत्रों का

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ऊखीमठ। पंच केदार में द्वितीय भगवान मद्महेश्वर के मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए विधि-विधान के साथ सुबह 8 बजे शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। इस मौके पर 349 श्रद्धालुओं ने आराध्य के दर्शन किए। अपने मूल मंदिर से भगवान मद्महेश्वर की चल उत्सव विग्रह डोली अपराह्न को रात्रि प्रवास के लिए गौंडार गांव पहुंच गई। जहां ग्रामीणों ने आराध्य का स्वागत किया। 23 नवंबर को आराध्य की डोली शीतकालीन पूजा के लिए ओंकारेश्वर मंदिर में विराजमान हो जाएगी।



बुधवार को मद्महेश्वर मंदिर में सुबह 4 बजे से कपाट बंद करने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। पुजारी टी. गंगाधर लिंग विशेष पूजा-अर्चना के साथ आरती की फिर पुष्प, अक्षत और भस्म से भगवान मद्महेश्वर के स्वयंभू लिंग को समाधि रूप दिया गया। पुजारी द्वारा भगवान की भोग मूर्तियों को गर्भगृह से बाहर लाकर चल उत्सव विग्रह डोली में विराजमान किया गया। इस मौके पर पूरा मंदिर क्षेत्र बाबा के जयकारों से गूंज उठा। डोली ने मंदिर की परिक्रमा की और मंदिर परिसर में मौजूद अपने ताम्रपात्रों का निरीक्षण करने के बाद मंदिर से अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के लिए प्रस्थान किया। साथ ही मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए विधि-विधान के साथ बंद कर दिए गए।
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चल उत्सव विग्रह डोली देवदर्शनी, कुन्नू, खटरा, बणतोली होते हुए 12 किमी पैदल दूरी तय कर पहले रात्रि प्रवास पर गौंडार गांव पहुंची। यहां ग्रामीणों ने आराध्य का भव्य स्वागत किया और घर-परिवार की सुख-समृद्धि के लिए आराध्य को पीले व लाल वस्त्र भी भेंट किए। बृहस्पतिवार को चल उत्सव विग्रह डोली रांसी गांव पहुंचेगी और 22 को गिरिया गांव में रात्रि प्रवास होगा।
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वहीं, द्वितीय केदार के शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ को फूल-मालाओं से सजाया जा रहा है। यहां 22 नवंबर से तीन दिवसीय मद्महेश्वर मेला भी शुरू होगा। ओंकारेश्वर मंदिर के प्रभारी यदुवीर पुष्वाण ने बताया कि इस वर्ष द्वितीय केदार मद्महेश्वर की यात्रा में 18 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर के कपाट बंद होने के मौके पर ग्राम प्रधान वीर सिंह पंवार, डोली प्रभारी दीपक पंवार, यात्रा प्रभारी रमेश नेगी, शिवानंद पंवार, भगत सिंह पंवार, बलवीर सिंह पंवार, मदन सिंह पंवार सहित अन्य हक-हकूकधारी व श्रद्धालु मौजूद थे।
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