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Rudraprayag News: भालू ने गोशाला तोड़कर बैलों पर किया हमला
Thu, 13 Nov 2025 06:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
Updated Thu, 13 Nov 2025 06:31 PM IST
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वन विभाग की टीम ने क्यूआरटी व एसआरटी टीम भेजी
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रप्रयाग। जनपद में इन दिनों जंगली जानवरों के बढ़ते हमलों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। अब बुधवार देर रात जिला मुख्यालय से लगभग सात किमी दूर ग्रामसभा चिनग्वाड़ में भालू ने जीत सिंह कप्रवाण की गोशाला का दरवाजा तोड़कर उनके बैलों पर हमला कर दिया। शोर की आवाज सुनकर जीत सिंह मौके पर पहुंचे तो भालू भाग गया। हमले में दोनों बैल घायल हो गए। वन विभाग की टीम ने गांव में नियमित गश्त के लिए क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम) व एसआरटी टीम (स्पेशल रिस्पांस टीम)भेज दी गई है।
ग्राम प्रधान दीपक बिष्ट ने बताया कि इससे पूर्व भी भालू हमला कर चुका है। गांव में पिछले एक वर्ष में भालू के सात हमले हो चुके हैं जिनमें पांच मवेशियों की मौत को चुकी है। आए दिन गांव के आसपास भालू दिखाई दे रहा है जिससे क्षेत्र में भय का माहौल है। उन्होंने वन विभाग से प्रभावित को मुआवजा देने और भालू को बस्ती से दूर भगाने की मांग की। साथ ही ग्रामीण इलाकों में नियमित गश्त कराने की मांग की। वहीं उपप्रभागीय वनाधिकारी देवेंद्र सिंह पुंडीर ने कहा कि ठंड के मौसम में जंगल में खाने की कमी के कारण जंगली जानवरों की चहलकदमी बढ़ गई है। प्रभावित को मुआवजा देने की प्रक्रिया चल रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रप्रयाग। जनपद में इन दिनों जंगली जानवरों के बढ़ते हमलों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। अब बुधवार देर रात जिला मुख्यालय से लगभग सात किमी दूर ग्रामसभा चिनग्वाड़ में भालू ने जीत सिंह कप्रवाण की गोशाला का दरवाजा तोड़कर उनके बैलों पर हमला कर दिया। शोर की आवाज सुनकर जीत सिंह मौके पर पहुंचे तो भालू भाग गया। हमले में दोनों बैल घायल हो गए। वन विभाग की टीम ने गांव में नियमित गश्त के लिए क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम) व एसआरटी टीम (स्पेशल रिस्पांस टीम)भेज दी गई है।
ग्राम प्रधान दीपक बिष्ट ने बताया कि इससे पूर्व भी भालू हमला कर चुका है। गांव में पिछले एक वर्ष में भालू के सात हमले हो चुके हैं जिनमें पांच मवेशियों की मौत को चुकी है। आए दिन गांव के आसपास भालू दिखाई दे रहा है जिससे क्षेत्र में भय का माहौल है। उन्होंने वन विभाग से प्रभावित को मुआवजा देने और भालू को बस्ती से दूर भगाने की मांग की। साथ ही ग्रामीण इलाकों में नियमित गश्त कराने की मांग की। वहीं उपप्रभागीय वनाधिकारी देवेंद्र सिंह पुंडीर ने कहा कि ठंड के मौसम में जंगल में खाने की कमी के कारण जंगली जानवरों की चहलकदमी बढ़ गई है। प्रभावित को मुआवजा देने की प्रक्रिया चल रही है।
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