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Rudraprayag News: शिक्षक संघ ने प्रधानाचार्य सीधी भर्ती नियमावली का किया विरोध
Sun, 07 Apr 2024 07:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
Updated Sun, 07 Apr 2024 07:33 PM IST
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शासन पर लगाया एलटी शिक्षकों की उपेक्षा का आरोप
रुद्रप्रयाग। राजकीय शिक्षक संघ ने प्रधानाचार्य पदों के लिए सीधी भर्ती नियमावली का विरोध किया है। उन्होंने नियमावली को निरस्त कर पदोन्नति से भर्ती कराने की मांग की है।
शिक्षक संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष आनंद सिंह जगवाण, जखोली ब्लॉक अध्यक्ष जेपी चमोली व ऊखीमठ के ब्लाॅक अध्यक्ष गजेंद्र करासी ने कहा कि वर्तमान में शासन की ओर से सीधी भर्ती नियमावली में एलटी शिक्षकों की उपेक्षा की गई है। एलटी शिक्षकों को विभागीय पदोन्नति 55 प्रतिशत होने के बाद भी एलटी शिक्षकों के साथ सरकार अन्याय कर रही है।
प्रधानाध्यापक में प्रवक्ता संवर्ग 45 प्रतिशत, एलटी संवर्ग को 55 प्रतिशत अधिक होने पर भी विभाग द्वारा एलटी शिक्षकों की उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि शासन से विज्ञप्ति को निरस्त कर एलटी शिक्षकों को भी विज्ञप्ति में शामिल करने की मांग की है। कहा कि विभागीय लापरवाही से लंबे समय से पदोन्नति नहीं होने से एक शिक्षक एक ही पद से सेवानिवृत्त होते जा रहे हैं, लेकिन अभी तक विभाग वरिष्ठता निर्धारण नहीं कर पाया है। एलटी शिक्षक यदि प्रोन्नत वेतनमान का लाभ ले रहे हैं, तो एलटी शिक्षकों को प्रोन्नत वेतनमान से भी वंचित रखा जा रहा है।
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रुद्रप्रयाग। राजकीय शिक्षक संघ ने प्रधानाचार्य पदों के लिए सीधी भर्ती नियमावली का विरोध किया है। उन्होंने नियमावली को निरस्त कर पदोन्नति से भर्ती कराने की मांग की है।
शिक्षक संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष आनंद सिंह जगवाण, जखोली ब्लॉक अध्यक्ष जेपी चमोली व ऊखीमठ के ब्लाॅक अध्यक्ष गजेंद्र करासी ने कहा कि वर्तमान में शासन की ओर से सीधी भर्ती नियमावली में एलटी शिक्षकों की उपेक्षा की गई है। एलटी शिक्षकों को विभागीय पदोन्नति 55 प्रतिशत होने के बाद भी एलटी शिक्षकों के साथ सरकार अन्याय कर रही है।
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प्रधानाध्यापक में प्रवक्ता संवर्ग 45 प्रतिशत, एलटी संवर्ग को 55 प्रतिशत अधिक होने पर भी विभाग द्वारा एलटी शिक्षकों की उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि शासन से विज्ञप्ति को निरस्त कर एलटी शिक्षकों को भी विज्ञप्ति में शामिल करने की मांग की है। कहा कि विभागीय लापरवाही से लंबे समय से पदोन्नति नहीं होने से एक शिक्षक एक ही पद से सेवानिवृत्त होते जा रहे हैं, लेकिन अभी तक विभाग वरिष्ठता निर्धारण नहीं कर पाया है। एलटी शिक्षक यदि प्रोन्नत वेतनमान का लाभ ले रहे हैं, तो एलटी शिक्षकों को प्रोन्नत वेतनमान से भी वंचित रखा जा रहा है।
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