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Rudraprayag News: बीकेटीसी के अस्थायी कर्मचारियों को मिला समर्थन
Wed, 21 Oct 2026 05:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
Updated Wed, 21 Oct 2026 05:39 PM IST
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फाेटो
केदारनाथ/फाटा। बीकेटीसी के अस्थायी कर्मचारियों के आंदोलन को अब राजनीतिक समर्थन भी मिलने लगा है। केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक प्रत्याशी त्रिभुवन चौहान ने धाम पहुंचकर कर्मचारियों को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि अस्थायी कर्मचारियों की मांगें न्यायोचित हैं। शासन और मंदिर समिति को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए समान कार्य, समान वेतन की व्यवस्था लागू करने के साथ ही उन्हें नियमित करने की दिशा में कदम उठाने चाहिए।
स्थायी नियुक्ति की मांग के लिए बीकेटीसी के अंतर्गत आने वाले विभिन्न धार्मिक मठ-मंदिरों में करीब 300 अस्थायी कर्मचारी 15 अक्तूबर से आंदोलन कर रहे हैं। पूर्व में कर्मचारियों ने सात दिनों तक सांकेतिक आंदोलन किया था लेकिन मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने के बाद उन्होंने आंदोलन की अवधि बढ़ाकर 25 अक्तूबर तक कर दी है। त्रिभुवन चौहान ने कहा यदि मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। वहीं अस्थायी कर्मियों ने केदारनाथ, ऊखीमठ, त्रियुगीनारायण, कालीमठ, विद्यापीठ में क्रमिक अनशन व धरना दिया। संवाद
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केदारनाथ/फाटा। बीकेटीसी के अस्थायी कर्मचारियों के आंदोलन को अब राजनीतिक समर्थन भी मिलने लगा है। केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक प्रत्याशी त्रिभुवन चौहान ने धाम पहुंचकर कर्मचारियों को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि अस्थायी कर्मचारियों की मांगें न्यायोचित हैं। शासन और मंदिर समिति को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए समान कार्य, समान वेतन की व्यवस्था लागू करने के साथ ही उन्हें नियमित करने की दिशा में कदम उठाने चाहिए।
स्थायी नियुक्ति की मांग के लिए बीकेटीसी के अंतर्गत आने वाले विभिन्न धार्मिक मठ-मंदिरों में करीब 300 अस्थायी कर्मचारी 15 अक्तूबर से आंदोलन कर रहे हैं। पूर्व में कर्मचारियों ने सात दिनों तक सांकेतिक आंदोलन किया था लेकिन मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने के बाद उन्होंने आंदोलन की अवधि बढ़ाकर 25 अक्तूबर तक कर दी है। त्रिभुवन चौहान ने कहा यदि मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। वहीं अस्थायी कर्मियों ने केदारनाथ, ऊखीमठ, त्रियुगीनारायण, कालीमठ, विद्यापीठ में क्रमिक अनशन व धरना दिया। संवाद
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