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Rudraprayag News: पर्यटक ग्राम के रूप में उभर रहा देवर गांव
Wed, 21 Oct 2026 06:13 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
Updated Wed, 21 Oct 2026 06:13 PM IST
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फोटो
270 परिवारोें वाले गांव में होटल, होमस्टे व पर्यटन सुविधाओं का हुआ विकास
संवाद न्यूज एजेंसी
गुप्तकाशी। ब्लॉक ऊखीमठ की ग्राम पंचायत देवर अब अपनी पारंपरिक पहचान के साथ-साथ एक उभरते हुए पर्यटक गांव के रूप में अपनी नई पहचान बना रहा है। सैनिक गांव के रूप में विख्यात इस क्षेत्र में प्राकृतिक सुंदरता के कारण पर्यटन की अपार संभावनाएं बढ़ती जा रही हैं। सड़क से जुड़े इस गांव के लोगों का मुख्य व्यवसाय खेती और पशुपालन है। यहां करीब 270 परिवार रहते हैं और इस गांव में होटल, होमस्टे व पर्यटन सुविधाओं का विकास हुआ है।
गांव में पर्यटन सुविधाओं के विकास और प्राकृतिक सुंदरता के कारण राज्य के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के साथ ही यहां अन्य लोगों ने भी जमीनें खरीदी हैं। क्षेत्र में होटल, होमस्टे और अन्य पर्यटन सुविधाओं के विस्तार से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए द्वार खुले हैं। वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता राय सिंह चौहान का कहना है कि गांव में आ रहे इन बदलावों के बीच बाहरी लोगों के निवेश से गांव में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है। वहीं प्रधान मुन्नी चौहान बताती हैं कि करीब 270 परिवारों वाले इस गांव की आड़ू-आधारित अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से खेती और पशुपालन पर टिकी है। आज का युवा वर्ग पर्यटन गतिविधियों के बढ़ते महत्व को भली-भांति समझ रहा है और इसे रोजगार के एक सशक्त विकल्प के रूप में अपना रहा है।
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270 परिवारोें वाले गांव में होटल, होमस्टे व पर्यटन सुविधाओं का हुआ विकास
संवाद न्यूज एजेंसी
गुप्तकाशी। ब्लॉक ऊखीमठ की ग्राम पंचायत देवर अब अपनी पारंपरिक पहचान के साथ-साथ एक उभरते हुए पर्यटक गांव के रूप में अपनी नई पहचान बना रहा है। सैनिक गांव के रूप में विख्यात इस क्षेत्र में प्राकृतिक सुंदरता के कारण पर्यटन की अपार संभावनाएं बढ़ती जा रही हैं। सड़क से जुड़े इस गांव के लोगों का मुख्य व्यवसाय खेती और पशुपालन है। यहां करीब 270 परिवार रहते हैं और इस गांव में होटल, होमस्टे व पर्यटन सुविधाओं का विकास हुआ है।
गांव में पर्यटन सुविधाओं के विकास और प्राकृतिक सुंदरता के कारण राज्य के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के साथ ही यहां अन्य लोगों ने भी जमीनें खरीदी हैं। क्षेत्र में होटल, होमस्टे और अन्य पर्यटन सुविधाओं के विस्तार से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए द्वार खुले हैं। वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता राय सिंह चौहान का कहना है कि गांव में आ रहे इन बदलावों के बीच बाहरी लोगों के निवेश से गांव में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है। वहीं प्रधान मुन्नी चौहान बताती हैं कि करीब 270 परिवारों वाले इस गांव की आड़ू-आधारित अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से खेती और पशुपालन पर टिकी है। आज का युवा वर्ग पर्यटन गतिविधियों के बढ़ते महत्व को भली-भांति समझ रहा है और इसे रोजगार के एक सशक्त विकल्प के रूप में अपना रहा है।
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