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सुमाड़ी आपदा प्रभावितों ने किया चक्काजाम
ब्यूरो/ अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
Updated Fri, 30 Dec 2016 10:11 PM IST
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एलएंडटी कंपनी से मुआवजे की मांग को लेकर तिलवाड़ा के सुमाड़ी में चक्काजाम करते प्रभावित।
- फोटो : amar ujala.
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आपदा प्रभावित सुमाड़ी के 30 परिवारों ने एलएंडटी कंपनी से मुआवजे की मांग को लेकर तिलवाड़ा-टिहरी-घनसाली मोटर मार्ग पर दो घंटे चक्काजाम किया। प्रभावितों में आक्रोश को देखते हुए जखोली के उप जिलाधिकारी व तहसीलदार मौके पर पहुंचे और मुआवजे का आश्वासन देने पर अनशन समाप्त कराया। इसके बाद मार्ग पर यातायात सुचारु हो पाया।
शुक्रवार को प्रभावित परिवारों के लोग सुमाड़ी बाजार में एकत्रित हुए और मुआवजे की मांग को लेकर चक्काजाम कर दिया। प्रभावितों का कहना था कि 16/17 जून 2013 को केदारनाथ की आपदा में सिंगोली-भटवाड़ी जल विद्युत परियोजना का निर्माण कर रही एलएंडटी कंपनी के मलबे से मंदाकिनी नदी उफान पर आ गई और उनके आवासीय भवन व दुकानें ध्वस्त हो गए थे, लेकिन कंपनी की ओर से उन्हें मुआवजा नहीं दिया गया।
बताया कि कंपनी द्वारा दो माह पूर्व कुंड से तिलवाड़ा के प्रभावितों को मुआवजे के रूप में 4 करोड़ 68 लाख रुपये बांटे गए, लेकिन सुमाड़ी के 30 परिवारों को छोड़ दिया गया।
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कहा कि कई बार मुआवजे की मांग के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। कहा कि जल्द मुआवजा नहीं मिला तो वे तहसील व कलेक्ट्रेट में क्रमिक अनशन व भूख हड़ताल करेंगे। सूचना पर मौके पर पहुंचे एसडीएम देवमूर्ति यादव व तहसीलदार शालिनी मौर्य ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने अपना आंदोलन समाप्त किया।
इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने मंदाकिनी नदी के लगे कूड़े के ढेर पर भी नाराजगी जताते हुए प्रशासन व जिला पंचायत को भी खरी-खोटी सुनाई। प्रदर्शन करने वालों में राजेंद्र डिमरी, धर्म सिंह, राम प्रसाद, लक्ष्मी प्रसाद डिमरी, भरत सिंह चौधरी, बालेश्वर डंगवाल, प्रेम लाल, भगवान सिंह आदि मौजूद थे।
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शुक्रवार को प्रभावित परिवारों के लोग सुमाड़ी बाजार में एकत्रित हुए और मुआवजे की मांग को लेकर चक्काजाम कर दिया। प्रभावितों का कहना था कि 16/17 जून 2013 को केदारनाथ की आपदा में सिंगोली-भटवाड़ी जल विद्युत परियोजना का निर्माण कर रही एलएंडटी कंपनी के मलबे से मंदाकिनी नदी उफान पर आ गई और उनके आवासीय भवन व दुकानें ध्वस्त हो गए थे, लेकिन कंपनी की ओर से उन्हें मुआवजा नहीं दिया गया।
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बताया कि कंपनी द्वारा दो माह पूर्व कुंड से तिलवाड़ा के प्रभावितों को मुआवजे के रूप में 4 करोड़ 68 लाख रुपये बांटे गए, लेकिन सुमाड़ी के 30 परिवारों को छोड़ दिया गया।
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कहा कि कई बार मुआवजे की मांग के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। कहा कि जल्द मुआवजा नहीं मिला तो वे तहसील व कलेक्ट्रेट में क्रमिक अनशन व भूख हड़ताल करेंगे। सूचना पर मौके पर पहुंचे एसडीएम देवमूर्ति यादव व तहसीलदार शालिनी मौर्य ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने अपना आंदोलन समाप्त किया।
इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने मंदाकिनी नदी के लगे कूड़े के ढेर पर भी नाराजगी जताते हुए प्रशासन व जिला पंचायत को भी खरी-खोटी सुनाई। प्रदर्शन करने वालों में राजेंद्र डिमरी, धर्म सिंह, राम प्रसाद, लक्ष्मी प्रसाद डिमरी, भरत सिंह चौधरी, बालेश्वर डंगवाल, प्रेम लाल, भगवान सिंह आदि मौजूद थे।