{"_id":"5d8130c88ebc3e93a76feaeb","slug":"studying-outside-scholarships-in-the-state-rudrapur-news-hld357078894","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाहर पढ़कर राज्य में छात्रवृत्ति लेने वाले जांच की जद में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाहर पढ़कर राज्य में छात्रवृत्ति लेने वाले जांच की जद में
विज्ञापन
रुद्रपुर। राज्य में हुए करोड़ों रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले में ऐसे छात्र एसआईटी के निशाने पर हैं, जिन्होंने पढ़ाई दूसरे राज्यों में की और वजीफा उत्तराखंड से लिया। फिलहाल एसआईटी इन कॉलेजों से जुड़े ऐसे छात्रों की जांच कर रही है।
ऊधमसिंह नगर के करीब सौ, देहरादून के 150 और हरिद्वार के करीब 199 निजी और मान्यता प्राप्त कॉलेजों में करोड़ों रुपये का छात्रवृत्ति घोटाला सामने आया था। घोटाले में समाज कल्याण विभाग के कई अफसर जेल जा चुके हैं। घोटाले की तह तक जाने के लिए शासन ने एसआईटी का गठन किया था।
हाल ही में समाज कल्याण विभाग ने तीनों जिलों से जुड़े करीब 449 कॉलेजों के दस्तावेज एसआईटी को सौंपे थे। बताया जा रहा है कि एसआईटी को घोटाले में कई बिंदुओं की पड़ताल करनी है। सूत्र बताते हैं कि एसआईटी ऐसे छात्रों को चिह्नित करेगी, जो दूसरे राज्यों में पढ़ते रहे और उत्तराखंड में वजीफा ले लिया।
विज्ञापन
इन छात्रों को छात्रवृत्ति मिली या कॉलेज प्रबंधन ही रुपये खा गया। एसपी सिटी देवेंद्र पींचा ने बताया कि एसआईटी को समाज कल्याण विभाग से दस्तावेज मिले हैं। अभी एसआईटी इन दस्तावेजों को देखेगी। एसआईटी को कई बिंदुओं पर जांच करनी है।
विज्ञापन
ऊधमसिंह नगर के करीब सौ, देहरादून के 150 और हरिद्वार के करीब 199 निजी और मान्यता प्राप्त कॉलेजों में करोड़ों रुपये का छात्रवृत्ति घोटाला सामने आया था। घोटाले में समाज कल्याण विभाग के कई अफसर जेल जा चुके हैं। घोटाले की तह तक जाने के लिए शासन ने एसआईटी का गठन किया था।
विज्ञापन
हाल ही में समाज कल्याण विभाग ने तीनों जिलों से जुड़े करीब 449 कॉलेजों के दस्तावेज एसआईटी को सौंपे थे। बताया जा रहा है कि एसआईटी को घोटाले में कई बिंदुओं की पड़ताल करनी है। सूत्र बताते हैं कि एसआईटी ऐसे छात्रों को चिह्नित करेगी, जो दूसरे राज्यों में पढ़ते रहे और उत्तराखंड में वजीफा ले लिया।
विज्ञापन
इन छात्रों को छात्रवृत्ति मिली या कॉलेज प्रबंधन ही रुपये खा गया। एसपी सिटी देवेंद्र पींचा ने बताया कि एसआईटी को समाज कल्याण विभाग से दस्तावेज मिले हैं। अभी एसआईटी इन दस्तावेजों को देखेगी। एसआईटी को कई बिंदुओं पर जांच करनी है।