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कोई पत्नी तो कोई मां को मैदान में उतारकर संवारेगा सियासी भविष्य

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 28 Aug 2019 01:00 AM IST
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Some wife and some mother will embellish the political future
चंदन बंगारी
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रुद्रपुर। जिला पंचायत के मुखिया की सीट का आरक्षण भले ही तय नहीं हुआ हो, मगर घोषित आरक्षण ने कईं दिग्गजों की सीटों के समीकरण गड़बड़ा दिए हैं। निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट जहां महिला के लिए आरक्षित हो गई है वहीं निवर्तमान जिला पंचायत उपाध्यक्ष की महिला आरक्षित हो गई है। दोनों ही सीटों पर निवर्तमान जनप्रतिनिधियों के परिवारों की महिलाओं का मैदान में उतरना तय माना जा रहा है। इसके अलावा कईं और सीटों पर पुराने दिग्गजों के बजाए नए चेहरे मैदान में दिखेंगे।
दरअसल जिले में पंचायतों की सीटों के आरक्षण का लंबे समय से इंतजार हो रहा था। काफी मशक्कत के बाद देर रात आरक्षण की सूची घोषित हुई तो कईं दिग्गजों के पसीने छूट गए। काफी समय से सीटों में सक्रिय दिग्गज आरक्षण मनमाफिक नहीं होने से निराश भी हो गए। निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी प्रसाद गंगवार की बरी सीट जहां पिछली बार पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित थी, वहीं इस बार सीट का नाम बरा होने के साथ ही महिलाओं के लिए आरक्षित हो गई है।
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इसके बाद सीट पर ईश्वरी प्रसाद गंगवार की पत्नी या बहू के उतरने की संभावना बन गई है। हालांकि गंगवार परिवार बरा के अलावा लालपुर की सीट पर भी किस्मत आजमा सकता है। पिछले चुनाव में भी परिवार ने बरी और नकहा दो सीटों पर चुनाव लड़ा था।
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निवर्तमान जिला पंचायत उपाध्यक्ष संदीप चीमा की सीट जगतपुरा परिसीमन के बाद बनी नई कुरैया सीट में शामिल हो गई है। इस सीट में फुलसुंगा जिला पंचायत सीट का भी काफी हिस्सा शामिल किया गया है। संदीप सीट को सामान्य मानकर तैयारी में जुटे थे, लेकिन अब महिला के लिए आरक्षित होने पर उनकी पत्नी मैदान में उतर सकती है।
खानपुर पूर्व की सीट महिला आरक्षित होने से निवर्तमान सदस्य और भाजपा नेता राजेश बजाज की उम्मीदें धरी रह गई हैं। बाजपुर की बन्नाखेड़ा सीट अब रतनपुरा होने के साथ ही अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित होने से निवर्तमान सदस्य कुलविंदर सिंह किंदा को चुनाव लड़ने के लिए नई सीट खोजनी पड़ेगी।

बाजपुर की हरसान और गदरपुर की खेमपुर भी सामान्य से क्रमश:अनुसूचित जनजातियां महिलाएं, अनुसूचित जनजातियां के लिए आरक्षित घोषित हो गई हैं। लालपुर की अनुसूचित जाति सीट अब अन्य पिछड़ा वर्ग महिला और महेशपुरा से बाजपुर गांव बनी सीट अनुसूचित जाति से अन्य पिछड़ा वर्ग घोषित हो गई है। इसके अलावा कईं अन्य सीटों के आरक्षण से बदले समीकरणों ने दिग्गजों के माथे पर बदल ला दिया है।
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