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बर्फ की आगोश में चारों धाम
ब्यूरो/ अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
Updated Sat, 07 Jan 2017 10:31 PM IST
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शनिवार को 16 घंटे की बर्फबारी के बाद केदारनाथ मंदिर परिसर में चार फीट से अधिक जमा बर्फ।
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पहाड़ में शुक्रवार से हो रही बारिश-बर्फबारी से जहां निचले इलाके शीतलहर की चपेट में हैं, वहीं ऊंचाई वाले इलाकों सहित चारों धामों ने बर्फ की चादर ओढ़ ली है। केदारनाथ में जहां तापमान माइनस-6 हो गया है, वहीं बदरीनाथ धाम में पांच और हेमकुंड साहिब में 6-7 फीट बर्फ जम गई है। केदारनाथ धाम में बर्फबारी जारी है। शनिवार को टिहरी जिले के धनोल्टी में सीजन की पहली बर्फबारी हुई, जिसका लुत्फ लेने के लिए सुबह से ही पर्यटकों का हुजूम उमड़ पड़ा था।
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केदारनाथ में 12 घंटे से हो रही तेज बर्फबारी
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ में पिछले 12 घंटे से लगातार बर्फबारी हो रही है। कड़ाके की ठंड होने के कारण तापमान माइनस-6 डिग्री तक पहुंच गया है।
इधर, चोपता, दुगलबिट्टा, मद्महेश्वर, कालशिला, हरियाली डांडा आदि ऊंचाई वाले इलाकों में भी रुक-रुककर बर्फबारी हो रही है। शनिवार को तड़के चार बजे से केदारनाथ धाम में बर्फबारी शुरू हो गई थी। शाम तक मंदिर परिसर से लेकर हेलीपैड, भैरवनाथ मंदिर, रुद्रा प्वाइंट, बेस कैंप ने बर्फ की चादर ओढ़ ली थी।
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निम के देवेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि खराब मौसम के कारण पुनर्निर्माण के कार्य प्रभावित हो गए हैं। लिनचोली, गरूड़चट्टी से लेकर रामबाड़ा तक भी 3 से 3.5 फीट बर्फ जम गई है। वहीं त्रियुगीनारायण के ऊपरी क्षेत्र में भी पहाड़ियां बर्फ से ढक गई है। इधर, चोपता-दुगलबिट्टा और तुंगनाथ में भी 3 फीट से अधिक बर्फ गिरी है।
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बदरीनाथ-हेमकुंड में जमकर हुआ हिमपात
गोपेश्वर/कर्णप्रयाग। जिले में बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी, रूपकुंड, औली, वेदनी बुग्याल और रुद्रनाथ की चोटियों ने बर्फ की चादर ओढ़ ली है। बदरीनाथ धाम में पांच फीट, हेमकुंड साहिब में 6-7 फीट बर्फ जम गई है। तापमान गिरने से शनिवार को लोग अपने घरों में ही दुबके रहे।
उधर, देवाल के रूपकुंड, वेदनी, आली, बगची बुग्याल, घेस, हिमनी, बहतरा, वाण गांव में जमकर हिमपात हुआ। वहीं गैरसैंण के विधानसभा परिसर भराड़ीसैंण में भी जमकर बर्फबारी हुई।
गंगा-यमुना के मायके ने ओढ़ी सफेद चादर
उत्तरकाशी। गंगोत्री-यमुनोत्री धाम सहित मां गंगा के शीतकाल पड़ाव मुखबा व मां यमुना के मायके खरसाली में जमकर बर्फबारी हुई। साथ ही जिले के प्रमुख पर्यटक स्थल व दूरस्थ गांवों ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है।
गंगोत्री व यमुनोत्री धाम सहित मुखबा, खरसाली, हर्षिल, धराली, जसपुर, पुराली, सुक्खी सहित गंगाघाटी के दर्जनभर से अधिक
गांव बर्फबारी की आगोश में हैं। हरकीदून, सांकरी, तालुका, राड़ी, हनुमानचट्टी, जानकीचट्टी, जरमौला में भी बर्फबारी हुई। जिला मुख्यालय के नजदीकी गांव संग्राली, पाटा, रैथल, गोरशाली आदि निचले स्तर के गांवों में तापमान गिरने से शनिवार को देर शाम बर्फबारी का दौर शुरू हुआ।
धनोल्टी में हुई मौसम की पहली बर्फबारी
नई टिहरी/नैनबाग/पौड़ी। धनोल्टी, सुरकंडा, नागटिब्बा, श्रीकोट, देवलसारी, सुवाखोली, नई टिहरी पिकनिक स्पॉट, प्रतापनगर, सेम मुखेम, केमुंडाखाल आदि ऊंचाई वाले स्थानों पर शनिवार को भारी बर्फबारी हुई, जिससे निचले इलाकों में ठंड बढ़ गई है। धनोल्टी में पर्यटकों ने मौसम की पहली बर्फबारी का खूब लुत्फ उठाया है। सुरकंडा, धनोल्टी, प्रतापनगर और केमुंडाखाल क्षेत्र में दोपहर तक आधा फीट से अधिक बर्फ गिर गई।
धनोल्टी, सुरकंडा, नागटिब्बा, सुवाखोली और प्रतापनगर की पहाड़ियों में तो शुक्रवार देर रात से ही बर्फ गिरनी शुरू हो गई थी। बर्फ गिरने से पर्यटन स्थलों के व्यापारी भी खासे खुश हैं। उन्हें उम्मीद है कि इसी तरह बर्फबारी होती रही, तो निश्चित ही पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। वहीं पौड़ी जिले के धुमाकोट के छोटी दीवा, दीवागड़ी, जुजडू, अदबानी, कल्जीखाल के मुंडलेश्वर और खिर्सू में हिमपात हुआ।
लैंसडौन में तापमान हुआ शून्य
कोटद्वार/लैंसडौन/धुमाकोट। लैंसडौन, ताड़केश्वर और धुमाकोट में बर्फबारी से पारा शून्य के आसपास पहुंच गया है। बुआखाल-धुमाकोट-काशीपुर मार्ग पर बर्फबारी से यातायात प्रभावित हो गया है। धुमाकोट में गुजडूगढ़ी, दीवागढ़ी की चोटियों पर बर्फबारी हुई। पर्यटक बर्फबारी का आनंद लेने के लिए पहुंचने लगे हैं।
लोगों का कहना है कि हर साल पर्यटक लैंसडौन व पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी का आनंद लेने आते हैं, लेकिन इस साल दिसंबर में बर्फबारी नहीं होने से लोग मायूस थे, लेकिन शुक्रवार को अचानक मौसम ने करवट ली और शनिवार को जमकर बर्फबारी से लोगों के चहरे खिल गए हैं।