मास्टर प्लान को निरस्त करने और देवस्थानम बोर्ड के विरोध में तीर्थ पुरोहितों ने केदारनाथ में अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन-धरना शुरू कर दिया है। कहा कि उन्हें बिना विश्वास में लिए बगैर उनके मकानों व व्यापारिक प्रतिष्ठानों को ध्वस्त करने के लिए प्रशासन द्वारा निशान लगाए गए हैं, जो अनुचित है। कहा कि केदारनाथ पुनर्निर्माण के नाम पर धाम की मौलिकता व वास्तविकता के साथ छेड़छाड़ की जा रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस संबंध में डीएम को भी ज्ञापन भेजा गया है।
सोमवार को केदार सभा के अध्यक्ष विनोद शुक्ला के नेतृत्व में तीर्थ पुरोहितों ने मंदिर परिसर में क्रमिक धरना दिया। इस मौके पर वक्ताओं का कहना था कि आपदा के बाद से केदारनाथ धाम पुनर्निर्माण के दौर से गुजर रहा है, लेकिन सरकार द्वारा यहां के हक-हकूकधारियों व तीर्थ पुरोहितों की सुध नहीं ली जा रही है। मास्टर प्लान के तहत पुनर्निर्माण के नाम पर उनकी संपत्तियों को ध्वस्त किया जा रहा है, जिसका वे विरोध करते हैं। कहा कि बीते दिनों में भी उनके आवासीय भवनों व व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर प्रशासन द्वारा लाल रंग से निशान लगाए गए थे, लेकिन इस बारे में उनसे कोई बातचीत नहीं की गई। धरना देने वालों में तीर्थ पुरोहित संतोष त्रिवेदी , रमाकांत शर्मा, शशि अवस्थी, अशोक शुक्ला, गजेंद्र नेगी, नवीन शुक्ला, लखपत राणा, जमुना प्रसाद, संतोष त्रिवेदी, अंकुर, अंकित समेत अन्य तीर्थ पुरोहित व हक-हकूकधारी मौजूद थे। ब्यूरो