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Rudraprayag News: भारतीय धर्म संस्कृति का प्रतिनिधित्व करता है सेंगोल
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प्राचीनकाल से ही सेंगोल भारतीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व करता रहा है। यह सेंगोल भगवान शिव व विष्णु का प्रतीक माना जा रहा है, क्योंकि इसके सबसे ऊपर नंदी की मूर्ति बनी होती है। साथ ही इसका आकार शंखाकार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नए संसद भवन में सेंगोल स्थापित कर उसका मान-सम्मान लौटाकर भारतवर्ष का गौरव बढ़ाया है।
केदारनाथ के वरिष्ठ तीर्थपुरोहित श्रीनिवास पोस्ती ने बताया कि सेंगोल भगवान विष्णु व भगवान शंकर का प्रतीक है। सेंगोल के सबसे ऊपरी हिस्से पर नंदी को स्थापित किया गया है। साथ ही इसके आगे के हिस्से का आकार शंखाकार है, जो प्राचीन भारतीय धर्म संस्कृति का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं भगवान शिव भक्त हैं। अस्सी के दशक में उन्होंने केदारनाथ क्षेत्र में लगभग एक माह तक साधना की थी। अब, उन्होंने सेंगोल को उसका मान-सम्मान लौटाकर भारत की नई संसद ही नहीं बल्कि संपूर्ण भारतवर्ष का गौरव बढ़ाया है।
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केदारनाथ के वरिष्ठ तीर्थपुरोहित श्रीनिवास पोस्ती ने बताया कि सेंगोल भगवान विष्णु व भगवान शंकर का प्रतीक है। सेंगोल के सबसे ऊपरी हिस्से पर नंदी को स्थापित किया गया है। साथ ही इसके आगे के हिस्से का आकार शंखाकार है, जो प्राचीन भारतीय धर्म संस्कृति का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं भगवान शिव भक्त हैं। अस्सी के दशक में उन्होंने केदारनाथ क्षेत्र में लगभग एक माह तक साधना की थी। अब, उन्होंने सेंगोल को उसका मान-सम्मान लौटाकर भारत की नई संसद ही नहीं बल्कि संपूर्ण भारतवर्ष का गौरव बढ़ाया है।
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