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आपदा के मुहाने पर खड़ा केदारघाटी का सेमी गांव
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गुप्तकाशी। आपदा प्रभावित केदारघाटी का सेमी गांव खतरे के मुहाने पर है। यहां भूंधसाव के कारण मकानों, गोशाला और खेतों में दरारें पड़ी हैं, जिस कारण ग्रामीण सात वर्षों से दहशत में जी रहे हैं। अब, ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत कुंड बाईपास के लिए चट्टानों के कटान और सिंगोली-भटवाड़ी जल विद्युत परियोजना के बैराज में पानी भरने से गांव पर संकट मंडराने लगा है।
गुप्तकाशी से पांच किमी पहले सेमी-भैंसारी गांव पर दो तरफा खतरा मंडरा रहा है। एक तरफ ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत निर्माणाधीन कुंड-ल्वारा-गुप्तकाशी बाईपास की कटिंग से मलबा व पत्थरों के गांव में गिरने का खतरा बना है। कार्यदायी संस्था की ओर से इन दिनों मशीनों से चट्टानी क्षेत्र की कटिंग की जा रही है, जिससे पत्थर छिटकर सेमी गांव तक पहुंच रहे हैं। बरसात में पहाड़ी से भूस्खलन का खतरा है। वहीं, दूसरी तरफ मंदाकिनी नदी पर निर्मित 99 मेगावाट की सिंगोली-भटवाड़ी जल विद्युत परियोजना के कुंड स्थित बैराज में जल भराव हो रहा है। पूर्व ग्राम प्रधान कुंवरी बर्तवाल, भारत भूषण नेगी, भगवती प्रसाद जोशी, प्रेम प्रकाश जोशी आदि ग्रामीणों का कहना है कि बैराज में जल भराव अधिक होने से गांव के नीचे भूंधसाव का खतना बना है। उन्होंने मंदाकिनी नदी किनारे गांव के नीचे सुरक्षा दीवार और कुंड-गुप्तकाशी मोटर मार्ग को पूर्व की भांति रखने की मांग की है।
कोट
- कुंड बाईपास के निर्माण में ग्रामीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर कार्य किया जा रहा है। कार्यदायी संस्था को जरूरी निर्देश दिए गए हैं। - जितेंद्र कुमार त्रिपाठी, ईई, एनएच।
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बैराज में जल भराव से क्षेत्र में किसी तरह का कोई नुकसान नहीं होगा। यह निर्माण वैज्ञानिक तकनीक के आधार पर सभी भौगोलिक परिस्थितियों के हिसाब से किया गया है। - अक्षय भारद्वाज, सहायक महाप्रबंधक एलएंडटी। (परियोजना की निर्माणदायी संस्था)
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गुप्तकाशी से पांच किमी पहले सेमी-भैंसारी गांव पर दो तरफा खतरा मंडरा रहा है। एक तरफ ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत निर्माणाधीन कुंड-ल्वारा-गुप्तकाशी बाईपास की कटिंग से मलबा व पत्थरों के गांव में गिरने का खतरा बना है। कार्यदायी संस्था की ओर से इन दिनों मशीनों से चट्टानी क्षेत्र की कटिंग की जा रही है, जिससे पत्थर छिटकर सेमी गांव तक पहुंच रहे हैं। बरसात में पहाड़ी से भूस्खलन का खतरा है। वहीं, दूसरी तरफ मंदाकिनी नदी पर निर्मित 99 मेगावाट की सिंगोली-भटवाड़ी जल विद्युत परियोजना के कुंड स्थित बैराज में जल भराव हो रहा है। पूर्व ग्राम प्रधान कुंवरी बर्तवाल, भारत भूषण नेगी, भगवती प्रसाद जोशी, प्रेम प्रकाश जोशी आदि ग्रामीणों का कहना है कि बैराज में जल भराव अधिक होने से गांव के नीचे भूंधसाव का खतना बना है। उन्होंने मंदाकिनी नदी किनारे गांव के नीचे सुरक्षा दीवार और कुंड-गुप्तकाशी मोटर मार्ग को पूर्व की भांति रखने की मांग की है।
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कोट
- कुंड बाईपास के निर्माण में ग्रामीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर कार्य किया जा रहा है। कार्यदायी संस्था को जरूरी निर्देश दिए गए हैं। - जितेंद्र कुमार त्रिपाठी, ईई, एनएच।
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बैराज में जल भराव से क्षेत्र में किसी तरह का कोई नुकसान नहीं होगा। यह निर्माण वैज्ञानिक तकनीक के आधार पर सभी भौगोलिक परिस्थितियों के हिसाब से किया गया है। - अक्षय भारद्वाज, सहायक महाप्रबंधक एलएंडटी। (परियोजना की निर्माणदायी संस्था)