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रुद्रप्रयाग व ऊखीमठ के ईई को माना जिम्मेदार
रुद्रप्रयाग
Updated Tue, 23 Feb 2016 09:02 PM IST
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लोक निर्माण विभाग के सचिव अमित नेगी को भेजे पत्र में डीएम ने कहा है कि 16/17 जून 2013 की केदारनाथ आपदा में रुद्रप्रयाग जनपद में अलकनंदा व मंदाकिनी नदी पर बने 8 झूला पुल बह गए थे। इन पुलों का पुनर्निर्माण लोनिवि प्रांतीय खंड रुद्रप्रयाग व लोनिवि ऊखीमठ डिवीजन द्वारा किया जाना था। लेकिन अभी तक एक भी पुल तैयार नहीं हो पाया है। पुल न बनने से क्षेत्र की जनता को अब भी जर्जर ट्रालियों के सहारे आवाजाही करनी पड़ रही है। डीएम ने कहा कि अगर जल्द संबंधित अधिशासी अभियंता द्वारा झूलों पुलों के पुनर्निर्माण में तेजी नहीं लाई जाती तो वे आगामी माह से इनका वेतन रोक देंगे।
विदित हो कि आपदा में मंदाकिनी व अलकनंदा नदी पर छोटे-बड़े कई झूला पुल बह गए थे। अलकनंदा नदी पर पपडासू में जीवीके कंपनी द्वारा पुल का निर्माण किया गया था। लेकिन मंदाकिनी नदी पर जिला मुख्यालय से लगे यहां माई की मंडी, सिल्ली, विजयनगर, चंद्रापुरी, कालीमठ सहित आठ झूला पुल, जो लोनिवि प्रांतीय खंड रुद्रप्रयाग व लोनिवि डिवीजन ऊखीमठ द्वारा बनाए जाने थे, आज तक नहीं बन पाए हैं। इन स्थानों पर ट्राली लगाई गई हैं। लेकिन इन पर कई स्क्ूली बच्चों व लोगों के हाथ-पैर छिल चुके हैं।
लोनिवि के डिवीजन रुद्रप्रयाग व ऊखीमठ के ईई द्वारा सुस्त गति से कराए जा रहे झूला पुलों के निर्माण को लेकर संबंधित सचिव को पत्र भेजा गया है। पूर्व ेमें भी दो बार पत्र भेजे गए हैं।
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-- डा. राघव लंगर, डीएम रुद्रप्रयाग
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विदित हो कि आपदा में मंदाकिनी व अलकनंदा नदी पर छोटे-बड़े कई झूला पुल बह गए थे। अलकनंदा नदी पर पपडासू में जीवीके कंपनी द्वारा पुल का निर्माण किया गया था। लेकिन मंदाकिनी नदी पर जिला मुख्यालय से लगे यहां माई की मंडी, सिल्ली, विजयनगर, चंद्रापुरी, कालीमठ सहित आठ झूला पुल, जो लोनिवि प्रांतीय खंड रुद्रप्रयाग व लोनिवि डिवीजन ऊखीमठ द्वारा बनाए जाने थे, आज तक नहीं बन पाए हैं। इन स्थानों पर ट्राली लगाई गई हैं। लेकिन इन पर कई स्क्ूली बच्चों व लोगों के हाथ-पैर छिल चुके हैं।
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लोनिवि के डिवीजन रुद्रप्रयाग व ऊखीमठ के ईई द्वारा सुस्त गति से कराए जा रहे झूला पुलों के निर्माण को लेकर संबंधित सचिव को पत्र भेजा गया है। पूर्व ेमें भी दो बार पत्र भेजे गए हैं।
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-- डा. राघव लंगर, डीएम रुद्रप्रयाग