जिलाधिकारी वंदना सिंह ने अतिवृष्टि व भूधंसाव से प्रभावित ग्राम पंचायत उषाड़ा के ताला व पैठाणी तोक का निरीक्षण किया। उन्होंने लोनिवि को प्रभावित परिवारों की सुरक्षा के लिए अस्थायी हट्स बनाने के निर्देश दिए। इसके अलावा डीएम ने ग्राम प्रधान को 91 परिवारों को अन्यत्र विस्थापन के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध कराने को भी कहा, जिसका यथाशीघ्र भूगर्भीय सर्वेक्षण कराया जाएगा।
आपदा प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए डीएम ने कहा कि भूधंसाव का लगातार दायरा बढ़ रहा है। क्षेत्र में सुरक्षा उपाय के बजाय विस्थापन ही एकमात्र उपाय है। उन्होंने ग्राम प्रधान को ताला व पैठाणी के प्रभावित कुल 91 परिवारों को अन्यत्र विस्थापित करने के लिए पर्याप्त भूमि चिहिृृत करने के लिए कहा। प्रधान कुंवर सिंह बजवाल ने बताया कि प्रभावित परिवारों के लिए मूल गांव उषाड़ा, बनियाकुंड और दुगलबिट्टा के राजस्व ग्रामों में पर्याप्त जमीन है। यहां परिवारों को विस्थापित किया जा सकता है। जिलाधिकारी ने विस्थापन प्रक्रिया पूरी होने तक लोनिवि को ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए अस्थायी हट्स बनाने के निर्देश दिए। डीएम ने भूधंसाव से प्रभावित कुंड-ऊखीमठ-चोपता-गोपेश्वर राष्ट्रीय राजमार्ग के सुधारीकरण के लिए एनएच के अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। इस मौके पर एडीएम रामजी शरण शर्मा, सीईओ सीएन काला, डीईओ डा. विद्याशंकर चतुर्वेदी, एसडीएम वरूण अग्रवाल, एसडीएम बृजेश तिवारी, एनएच के ईई जितेंद्र कुमार त्रिपाठी, लोनिवि के ईई मनोज भट्ट, जलसंस्थान के ईई संजय सिंह आदि अधिकारी मौजूद थे।