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जिले के कार्यकर्ताओं से अचानक मंत्री का रुबरु होने से सियासत गर्म
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रुद्रपुर। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने जिला कार्यालय में जिलेभर से बुलाए गए पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की पीड़ा सुनी और कार्यकर्ताओं को पूरा सम्मान देने का भरोसा दिया। एक महिला नेत्री तो जमीनी विवाद के मामले में किसी तरह का सहयोग नहीं मिलने की बात कहते हुए अपने आंसू नहीं रोक सकी।
लेकिन अचानक शिक्षा मंत्री के कार्यकर्ताओं के रूबरू होने को लेकर पार्टी में अंदरखाने सियासत तेज हो गई है। अचानक सवा दो साल बाद जिला कार्यालय में कार्यकर्ताओं से शिक्षा मंत्री का रूबरू होना चर्चा का विषय बना हुआ है।
दरअसल रविवार को जिलेभर में प्रदेश, मंडल पदाधिकारियों के साथ ही कार्यकर्ताओं को फोन और मैसेज से सूचना दी गई कि सोमवार को शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय उनके साथ बैठक कर समस्याएं सुनना चाहते हैं। सरकार गठन के बाद अब तक जिला कार्यालय में मंत्री की पहली बैठक थी तो इसको लेकर भी कयासों के दौर शुरू हो गए।
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चूंकि मंत्री की तरफ से बुलावा था तो प्रदेश और मंडल के पदाधिकारियों के साथ ही कई कार्यकर्ता वहां पहुंच गए। यहां कार्यकर्ताओं ने उनकी सुनवाई नहीं होने का दुखड़ा सुनाया। निकाय और लोकसभा चुनाव में गूंजा नजूल का मुद्दा प्रमुखता से उठा। एक महिला नेत्री तो अपनी सरकार होने के बावजूद उनके मामले में कोई कार्यवाही नहीं होने पर रो पड़ी।
इसके अलावा खटीमा सहित अन्य जगहों से आए कार्यकर्ताओं ने समस्याएं रखीं। अधिकांश कार्यकर्ताओं ने अधिकारियों द्वारा उनकी सुनवाई नहीं करने की पीड़ा रखी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि कार्यकर्ताओं के सम्मान का पूरा ख्याल रखा जाएगा। कार्यकर्ताओं की समस्याएं हल की जाएंगी।
कार्यकर्ता व्यक्तिगत रूप से समस्याओं को लेकर उनके संपर्क कर सकते हैं। इधर, अचानक कार्यकर्ताओं की बैठक को लेकर पार्टी के भीतर ही चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पार्टी सूत्रों की मानें तो अचानक जिलेभर के कार्यकर्ताओं से रूबरू होने का शिक्षा मंत्री का निर्णय खासा हैरान करने वाला रहा है।
सवा दो साल तक जिलेभर के कार्यकर्ताओं को लेकर किसी तरह की बैठक नहीं करना और अब अचानक बैठक करने का फैसले के बाद माना जा रहा है कि अंदरखाने गर्मायी सियासत में कुछ न कुछ जरूर पक रहा है।
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लेकिन अचानक शिक्षा मंत्री के कार्यकर्ताओं के रूबरू होने को लेकर पार्टी में अंदरखाने सियासत तेज हो गई है। अचानक सवा दो साल बाद जिला कार्यालय में कार्यकर्ताओं से शिक्षा मंत्री का रूबरू होना चर्चा का विषय बना हुआ है।
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दरअसल रविवार को जिलेभर में प्रदेश, मंडल पदाधिकारियों के साथ ही कार्यकर्ताओं को फोन और मैसेज से सूचना दी गई कि सोमवार को शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय उनके साथ बैठक कर समस्याएं सुनना चाहते हैं। सरकार गठन के बाद अब तक जिला कार्यालय में मंत्री की पहली बैठक थी तो इसको लेकर भी कयासों के दौर शुरू हो गए।
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चूंकि मंत्री की तरफ से बुलावा था तो प्रदेश और मंडल के पदाधिकारियों के साथ ही कई कार्यकर्ता वहां पहुंच गए। यहां कार्यकर्ताओं ने उनकी सुनवाई नहीं होने का दुखड़ा सुनाया। निकाय और लोकसभा चुनाव में गूंजा नजूल का मुद्दा प्रमुखता से उठा। एक महिला नेत्री तो अपनी सरकार होने के बावजूद उनके मामले में कोई कार्यवाही नहीं होने पर रो पड़ी।
इसके अलावा खटीमा सहित अन्य जगहों से आए कार्यकर्ताओं ने समस्याएं रखीं। अधिकांश कार्यकर्ताओं ने अधिकारियों द्वारा उनकी सुनवाई नहीं करने की पीड़ा रखी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि कार्यकर्ताओं के सम्मान का पूरा ख्याल रखा जाएगा। कार्यकर्ताओं की समस्याएं हल की जाएंगी।
कार्यकर्ता व्यक्तिगत रूप से समस्याओं को लेकर उनके संपर्क कर सकते हैं। इधर, अचानक कार्यकर्ताओं की बैठक को लेकर पार्टी के भीतर ही चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पार्टी सूत्रों की मानें तो अचानक जिलेभर के कार्यकर्ताओं से रूबरू होने का शिक्षा मंत्री का निर्णय खासा हैरान करने वाला रहा है।
सवा दो साल तक जिलेभर के कार्यकर्ताओं को लेकर किसी तरह की बैठक नहीं करना और अब अचानक बैठक करने का फैसले के बाद माना जा रहा है कि अंदरखाने गर्मायी सियासत में कुछ न कुछ जरूर पक रहा है।