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इमरजेंसी कक्ष में नहीं मिले डॉक्टर , जच्चा-बच्चा वार्ड में तड़पती रही गर्भवती
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जच्चा-बच्चा वार्ड में तड़पती गर्भवती महिला।
- फोटो : RUDRAPUR
कोरोना महामारी के बीच जिला अस्पताल में मरीजों के इलाज में लापरवाही बरती जा रही है। मंगलवार को अमर उजाला टीम ने जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड से लेकर विभिन्न वार्डों, कक्षों और ओपीडी का जायजा लिया।
सुबह करीब 11 बजे जिला अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष में डॉक्टर अपनी कुर्सी पर नहीं मिले। कक्ष के बाहर सात मरीज डॉक्टर के इंतजार में बैठे थे। इमरजेंसी वार्ड में एक घायल युवक को लेकर उसके परिजन पहुंचे थे। एक कर्मचारी उसकी मरहम पट्टी कर रहा था। उसने बताया कि डॉक्टर साहब अभी यहीं थे, फिर पता नहीं कहां गए। फार्मासिस्ट कक्ष में एक फार्मासिस्ट ड्यूटी पर नजर आया जबकि अन्य कक्षों में ताले लटके दिखे। बंद पड़े पैथोलॉजिस्ट कक्ष के बाहर रंपुरा से पहुंचे कुछ लोग पैथोलॉजिस्ट का इंतजार रहे थे।
बैंच पर लेटी बीमार महिला ने बताया कि उसे रसौली की शिकायत है। पैथोलॉजिस्ट ने सोमवार को सैंपल लिया गया था। मंगलवार को बुलाया था लेकिन अभी तक भी उनके कक्ष में ताला लटका है। इधर, अल्ट्रासाउंड कक्ष में भी ताला लटका मिला। वहां तैनात कुछ कर्मचारियों ने बताया कि एक माह पहले रेडियोलॉजिस्ट का कोरोना जांच को सैंपल लिया था, उसके बाद से वह ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं।
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काशीपुर संयुक्त चिकित्सालय के रेडियोलॉजिस्ट सप्ताह में दो दिन शुक्रवार और शनिवार को पहुंच रहे हैं। इस कारण रोजाना अल्ट्रासाउंड को पहुंच रहे करीब 50 लोगों को बैरंग लौटना पड़ रहा है। जच्चा-बच्चा वार्ड में कई गर्भवती महिलाएं प्रसव पीड़ा से तड़पतीं रहीं लेकिन वहां न तो कोई नर्स दिखी, न ही कोई डॉक्टर नजर आया। इस बाबत सीएमओ डॉ. डीएस पंचपाल ने कहा कि सभी डॉक्टरों को कोरोना काल में ड्यूटी इमानदारी से करने के निर्देश दिए गए हैं। कुछ डॉक्टरों की कोविड ड्यूटी लगाई गई है।
प्रसव के बाद नवजात की मौत
रुद्रपुर। जिला अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड में मंगलवार सुबह प्रसव के बाद एक नवजात की मौत हो गई। शिव नगर, ट्रांजिट कैंप निवासी सिडकुल कर्मी धीरज कुमार ने सोमवार रात को अपनी गर्भवती पत्नी कविता को वार्ड में भर्ती कराया था। सुबह प्रसव के बाद शिशु की मौत हो गई। उसने स्टाफ पर गर्भवती महिलाओं की देखरेख में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।
गर्भवती ने फर्श में दिया शिशु को जन्म
रुद्रपुर। जच्चा-बच्चा वार्ड में ही मंगलवार सुबह एक गर्भवती महिला का फर्श पर ही प्रसव हो गया। काफी देर से प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला जब बेड से उतरकर चलने लगी तो इसी दौरान उसका प्रसव हो गया। हालांकि प्रसूता और नवजात दोनों स्वस्थ हैं लेकिन परिजनों ने स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया।
क्या बोले लोग
- जिला अस्पताल में विभिन्न जांचों की रिपोर्ट आने में बहुत समय लगता है। गरीब मरीज रिपोर्ट के लिए चक्कर काटते रह जाते हैं। गंभीरता से इलाज भी नहीं होता। - शेर सिंह।
मेरी मां को रसौली की शिकायत है। उनका ऑपरेशन होना है लेकिन अभी तक पैथोलॉजिस्ट की रिपोर्ट नहीं आई है। अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार की जरूरत है। - सूरज।
सुबह के समय मेरी पत्नी ने शिशु को जन्म दिया था लेकिन जन्म के कुछ देर बाद ही शिशु की मौत हो गई। पत्नी यह सदमा बर्दाश्त नहीं कर सकेगी, उसे अभी तक इसकी सूचना नहीं दी है। - धीरज कुमार।
जिला अस्पताल में वैसे तो इलाज में सावधानी बरती जाती है लेकिन कभी-कभी लापरवाही हो जाती है। सुबह एक महिला का फर्श में प्रसव हो गया था। - माया देवी।
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सुबह करीब 11 बजे जिला अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष में डॉक्टर अपनी कुर्सी पर नहीं मिले। कक्ष के बाहर सात मरीज डॉक्टर के इंतजार में बैठे थे। इमरजेंसी वार्ड में एक घायल युवक को लेकर उसके परिजन पहुंचे थे। एक कर्मचारी उसकी मरहम पट्टी कर रहा था। उसने बताया कि डॉक्टर साहब अभी यहीं थे, फिर पता नहीं कहां गए। फार्मासिस्ट कक्ष में एक फार्मासिस्ट ड्यूटी पर नजर आया जबकि अन्य कक्षों में ताले लटके दिखे। बंद पड़े पैथोलॉजिस्ट कक्ष के बाहर रंपुरा से पहुंचे कुछ लोग पैथोलॉजिस्ट का इंतजार रहे थे।
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बैंच पर लेटी बीमार महिला ने बताया कि उसे रसौली की शिकायत है। पैथोलॉजिस्ट ने सोमवार को सैंपल लिया गया था। मंगलवार को बुलाया था लेकिन अभी तक भी उनके कक्ष में ताला लटका है। इधर, अल्ट्रासाउंड कक्ष में भी ताला लटका मिला। वहां तैनात कुछ कर्मचारियों ने बताया कि एक माह पहले रेडियोलॉजिस्ट का कोरोना जांच को सैंपल लिया था, उसके बाद से वह ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं।
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काशीपुर संयुक्त चिकित्सालय के रेडियोलॉजिस्ट सप्ताह में दो दिन शुक्रवार और शनिवार को पहुंच रहे हैं। इस कारण रोजाना अल्ट्रासाउंड को पहुंच रहे करीब 50 लोगों को बैरंग लौटना पड़ रहा है। जच्चा-बच्चा वार्ड में कई गर्भवती महिलाएं प्रसव पीड़ा से तड़पतीं रहीं लेकिन वहां न तो कोई नर्स दिखी, न ही कोई डॉक्टर नजर आया। इस बाबत सीएमओ डॉ. डीएस पंचपाल ने कहा कि सभी डॉक्टरों को कोरोना काल में ड्यूटी इमानदारी से करने के निर्देश दिए गए हैं। कुछ डॉक्टरों की कोविड ड्यूटी लगाई गई है।
प्रसव के बाद नवजात की मौत
रुद्रपुर। जिला अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड में मंगलवार सुबह प्रसव के बाद एक नवजात की मौत हो गई। शिव नगर, ट्रांजिट कैंप निवासी सिडकुल कर्मी धीरज कुमार ने सोमवार रात को अपनी गर्भवती पत्नी कविता को वार्ड में भर्ती कराया था। सुबह प्रसव के बाद शिशु की मौत हो गई। उसने स्टाफ पर गर्भवती महिलाओं की देखरेख में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।
गर्भवती ने फर्श में दिया शिशु को जन्म
रुद्रपुर। जच्चा-बच्चा वार्ड में ही मंगलवार सुबह एक गर्भवती महिला का फर्श पर ही प्रसव हो गया। काफी देर से प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला जब बेड से उतरकर चलने लगी तो इसी दौरान उसका प्रसव हो गया। हालांकि प्रसूता और नवजात दोनों स्वस्थ हैं लेकिन परिजनों ने स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया।
क्या बोले लोग
- जिला अस्पताल में विभिन्न जांचों की रिपोर्ट आने में बहुत समय लगता है। गरीब मरीज रिपोर्ट के लिए चक्कर काटते रह जाते हैं। गंभीरता से इलाज भी नहीं होता। - शेर सिंह।
मेरी मां को रसौली की शिकायत है। उनका ऑपरेशन होना है लेकिन अभी तक पैथोलॉजिस्ट की रिपोर्ट नहीं आई है। अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार की जरूरत है। - सूरज।
सुबह के समय मेरी पत्नी ने शिशु को जन्म दिया था लेकिन जन्म के कुछ देर बाद ही शिशु की मौत हो गई। पत्नी यह सदमा बर्दाश्त नहीं कर सकेगी, उसे अभी तक इसकी सूचना नहीं दी है। - धीरज कुमार।
जिला अस्पताल में वैसे तो इलाज में सावधानी बरती जाती है लेकिन कभी-कभी लापरवाही हो जाती है। सुबह एक महिला का फर्श में प्रसव हो गया था। - माया देवी।