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बुसान अंतराष्ट्रीय शार्ट फिल्म फेस्टिवल में पताल ती को मिली सराहना

Wed, 04 May 2022 10:12 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 04 May 2022 10:12 PM IST
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Patal Ti gets appreciation at Busan International Short Film Festival
दक्षिण कोरिया के बुसान में हुए अंतरराष्ट्रीय शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल में उत्तराखंड से शामिल हुई लघु फिल्म पताल ती (होली वाटर) को खूब सराहना मिली है। टॉप चार फिल्मों में शामिल इस लघु फिल्म की पटकथा, प्राकृतिक दृश्यों और सिनमेटोग्राफी की जूरी और दर्शकों ने भी प्रशंसा की है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर शामिल हुई यह फिल्म भोटिया जनजाति की लघु कथा पर आधारित है। साथ ही फिल्म ने उत्तराखंड में लघु कथाओं और परंपराओं पर फिल्म निर्माण की राह दिखाई है। फिल्म फेस्टिवल में ईरान की फिल्म एडजस्टमेंट को पहला स्थान मिला।
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बुसान में 39वें अंतरराष्ट्रीय लघु फिल्म महोत्सव में विश्व के 111 देशों की 40 लघु फिल्मों में भारत से उत्तराखंड में बनी पताल ती (होली वाटर) शामिल थी। प्रीमियर राउंड और प्रश्नोत्तरी में भी जूरी और दशकों ने फिल्म की खूब तारीफ की। पताल ती फिल्म का निर्माण स्टूडियो यूके-13 की टीम ने किया है। निर्माता निर्देशक संतोष सिंह रावत और मुकुंद नारायण ने बुसान से वीडियो कॉल के माध्यम से एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर गजेंद्र रौतेला को बताया कि फिल्म को बुसान में दर्शकों और जूरी ने खूब पसंद किया है। जूरी ने इस बात पर खुशी जताई कि फिल्म से जुड़े लोगों के पास फिल्म निर्माण का कोई अनुभव नहीं था। बावजूद उन्होंने ऐसी फिल्म बनाई है जो पहले ही चरण में अंतरराष्ट्रीय मंच पर शामिल हुई है। जूरी ने फिल्म के सिनेमेटोग्राफर बिट्टू रावत व दिव्यांशु रौतेला के काम की खूब प्रशंसा की। लघु फिल्म पताल ती दादा और पोते के बीच आशा, आकांक्षा और उम्मीद को पूरा करने की जद्दोजहद है, जिसे सरल शब्दों में बेहतरीन तरीके से फिल्माया गया है। इस फिल्म की शूटिंग रुद्रप्रयाग और चमोली में की गई थी। फिल्म निर्माण में सिर्फ 8 लोग शामिल थे।
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उत्तराखंड के लिए मील का पत्थर बनेगी फिल्म
निर्माता निर्देशक संतोष रावत का कहना है कि पताल ती लघु फिल्म उत्तराखंड में फिल्म निर्माण के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित हो सकती है। यह फिल्म एक लोक कथा पर आधारित है। इसलिए, हमें देवभूमि उत्तराखंड की लोक कथाओं, वीर योद्धाओं व विभूतियों के जीवन पर आधारित लघु फिल्मों का निर्माण करना चाहिए। पताल ती फिल्म भले ही ऑक्सर के लिए नामित नहीं हो पाई, लेकिन यह फिल्म आने वाले दिनों में कई फिल्म फेस्टिवल में शामिल होगी। साथ ही इसे एशिया का सबसे बड़ा शॉर्ट फिल्म पुरस्कार प्रमोशन ऑफ एशियन सिनेमा भी मिलेगा। संवाद
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