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विवि में नौ जनवरी से प्रस्तावित परीक्षाओं के टलने की आशंका

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jan 2020 12:48 AM IST
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Pantnagr University Semester Exam will be delayed
पंतनगर। विवि में शिक्षकों के कार्य बहिष्कार से शैक्षणिक सत्र 17 दिन की देरी से शुरू हो सका। इधर, 19 दिसंबर से शिक्षकों के दोबारा कार्य बहिष्कार पर जाने से छात्रों का कोर्स पूरा नहीं हो सका है। इसके चलते विवि की नौ जनवरी से प्रस्तावित मुख्य परीक्षाओं के टलने के आसार लग रहे हैं। इसके साथ ही सेमेस्टर में निर्धारित सौ कार्य दिवस पूरे न होने पर इसके आगे बढ़ने से 28 जनवरी से शुरू होने वाले द्वितीय सत्र पर कंडेंस सहित आगामी सत्र शून्य होने का खतरा मंडराने लगा है।
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एक्रिप परियोजनाओं एवं केवीके में कार्यरत शिक्षकों के सातवें वेतनमान का लाभ, मृतक आश्रितों को नियुक्ति सहित अन्य मांगों को लेकर पंतनगर विवि शिक्षक संघ (पूटा) के बैनर तले कार्य बहिष्कार हो रहा है। इससे विवि में शिक्षण, शोध व प्रसार के कार्य ठप हो गए हैं। नियमानुसार सत्र में सौ कार्य दिवसों का होना जरूरी है लेकिन प्रथम सेमेस्टर 17 दिन विलंब से शुरू हुआ और 19 दिसंबर से अब तक 17 दिन मिलाकर कुल 34 दिन बर्बाद हो चुके हैं। इन दिनों में छात्रों की कक्षाएं नहीं हुई हैं और कोर्स भी अधूरा है। ऐसी स्थिति में नौ जनवरी से प्रस्तावित यूजी, पीजी और पीएचडी के छात्रों की मुख्य परीक्षाएं हो पाना मुश्किल ही लग रहा है।
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अगले सत्र पर मंडरा रहा कंडेंस का खतरा
पंतनगर। विवि के मौजूदा परिस्थितियों के चलते परीक्षाओं के आगे बढ़ने की आशंका है। इसके चलते 28 जनवरी से शुरू होने वाले द्वितीय सत्र पर कंडेंस (विशेष परिस्थिति में एकेडमिक काउंसिल में पास करवाकर सौ कार्य दिवस को 80 कार्य दिवस में परिवर्तित करना) का खतरा मंडराने लगा है। हालांकि पंतनगर विवि में ऐसी स्थिति वर्ष 1995-96 के दौरान भी आ चुकी है।
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बहुत विषम परिस्थिति है, छात्रों का बहुत नुकसान हो रहा है। यदि शिक्षक कार्य पर तत्काल वापस आ जाएं, फिर भी तय समय पर परीक्षाएं कराना आसान नहीं हैं। यह सत्र तो 75 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है लेकिन अगले सत्र पर कंडेंस का खतरा है। - डॉ. एपी शर्मा, कुलसचिव।

छात्रों से हमें पूरी सहानुभूति है, जिसे हम कार्य बहिष्कार समाप्त होने पर अतिरिक्त कक्षाएं लेकर पूरा करेंगे लेकिन जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होतीं, शिक्षकों का कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। - डॉ. विनय कुमार सिंह, महामंत्री पूटा।
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