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दो आवास कब्जाए, उप नियंत्रक को भरना पड़ेगा किराया
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गोविंद बल्लभ पंत कृषि विश्वविद्यालय के उप नियंत्रक के विवि की जांच समिति से दोषी पाए जाने पर उन्हें चेतावनी जारी की गई है। मुख्य कार्मिक अधिकारी कर्मेंद्र सिंह की ओर से जारी आदेश में पंतनगर व भरसार में आवंटित आवासों का किराया आदि विवि कोष में एक माह के अंदर जमा करने की बात कही है।
12 अक्तूबर 2018 को आरटीआई कार्यकर्ता राजेश सिंह ने कुलपति को पत्र भेजकर कहा था कि उप वित्त नियंत्रक एसपी कुरील ने तीस अगस्त 2012 में विवि के पर्वतीय परिसर भरसार से यात्रा कर उसी दिन पंतनगर आगमन दर्शाते हुए यात्रा भत्ता बिल तथा 60 क्विंटल घरेलू सामान सहित कुल 16533 रुपये यात्रा भत्ता करीब तीन साल बाद 15 अक्तूबर 2015 को प्रस्तुत किया। उक्त सामान के लिए किसी भी प्रकार के रेल भाड़े अथवा ट्रक भाड़े की रसीद नहीं लगाई गई थी।
लेकिन इसके लिए कुरील ने 26 अप्रैल 2019 को स्थानांतरण टीए बिल में बिना ट्रांसपोर्टर से सामान ढुलाई की रसीद के 3096 रुपये विवि कोष में जमा कराए। जिसके लिए कुरील को कठोर चेतावनी जारी करते हुए इस कृत की पुनरावृत्ति न करने की हिदायत दी गई है।
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कुरील के भरसार में कार्यभार ग्रहण करने के बाद अक्तूबर 2005 में उन्हें वहां आवास आवंटित किया गया। 23 अगस्त 2012 को उक्त आवास कुरील के पंतनगर परिसर में स्थानांतरण होने के बाद रिक्त किया गया। इसी अवधि में कुरील का परिवार पंतनगर परिसर में आवंटित आवासों में ही आवासित रहा।
एक साथ उनका कब्जा दो आवासों में रहा। पंतनगर परिसर स्थित आवास का किराया जमा नहीं कराया गया। जांच समिति ने संज्ञान लेते हुए पंतनगर और भरसार में आवंटित आवासों का किराया आदि विवि कोष में एक माह में जमा कराए जाने के आदेश दिए हैं।
इसके अलावा एसपी कुरील ने स्थायी/जाति प्रमाण-पत्र जिला ऊधमसिंह नगर से प्राप्त कर लिया। यह उन्हें दो अन्य राज्यों से भी प्राप्त किया है। पूर्व तहसीलदार किच्छा ने उनका यहां का प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया था। जिसका वाद हाईकोर्ट में चल रहा है। इसका भी संज्ञान लेते हुए समिति ने इस प्रकरण पर न्यायालय के आदेश के अनुसार कार्यवाही की संस्तुति की है।
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12 अक्तूबर 2018 को आरटीआई कार्यकर्ता राजेश सिंह ने कुलपति को पत्र भेजकर कहा था कि उप वित्त नियंत्रक एसपी कुरील ने तीस अगस्त 2012 में विवि के पर्वतीय परिसर भरसार से यात्रा कर उसी दिन पंतनगर आगमन दर्शाते हुए यात्रा भत्ता बिल तथा 60 क्विंटल घरेलू सामान सहित कुल 16533 रुपये यात्रा भत्ता करीब तीन साल बाद 15 अक्तूबर 2015 को प्रस्तुत किया। उक्त सामान के लिए किसी भी प्रकार के रेल भाड़े अथवा ट्रक भाड़े की रसीद नहीं लगाई गई थी।
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लेकिन इसके लिए कुरील ने 26 अप्रैल 2019 को स्थानांतरण टीए बिल में बिना ट्रांसपोर्टर से सामान ढुलाई की रसीद के 3096 रुपये विवि कोष में जमा कराए। जिसके लिए कुरील को कठोर चेतावनी जारी करते हुए इस कृत की पुनरावृत्ति न करने की हिदायत दी गई है।
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कुरील के भरसार में कार्यभार ग्रहण करने के बाद अक्तूबर 2005 में उन्हें वहां आवास आवंटित किया गया। 23 अगस्त 2012 को उक्त आवास कुरील के पंतनगर परिसर में स्थानांतरण होने के बाद रिक्त किया गया। इसी अवधि में कुरील का परिवार पंतनगर परिसर में आवंटित आवासों में ही आवासित रहा।
एक साथ उनका कब्जा दो आवासों में रहा। पंतनगर परिसर स्थित आवास का किराया जमा नहीं कराया गया। जांच समिति ने संज्ञान लेते हुए पंतनगर और भरसार में आवंटित आवासों का किराया आदि विवि कोष में एक माह में जमा कराए जाने के आदेश दिए हैं।
इसके अलावा एसपी कुरील ने स्थायी/जाति प्रमाण-पत्र जिला ऊधमसिंह नगर से प्राप्त कर लिया। यह उन्हें दो अन्य राज्यों से भी प्राप्त किया है। पूर्व तहसीलदार किच्छा ने उनका यहां का प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया था। जिसका वाद हाईकोर्ट में चल रहा है। इसका भी संज्ञान लेते हुए समिति ने इस प्रकरण पर न्यायालय के आदेश के अनुसार कार्यवाही की संस्तुति की है।