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548 में से महज 56 परिवारों को ही मिल पाया ठौर

Fri, 21 Jan 2022 10:18 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 21 Jan 2022 10:18 PM IST
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Out of 548, only 56 families could get it
आपदा प्रभावित जनपद में विस्थापन की सूची में 27 गांवों के 548 परिवारों में महज 56 का ही पुनर्वास हो पाया है। जिले में 492 परिवार आज भी विस्थापन का इंतजार में हैं।
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केदारनाथ आपदा से केदारघाटी सहित जिले के कई गांवों का भूगोल बदलकर रख दिया था। तब, प्रशासन ने भू-वैज्ञानिकों व राजस्व विभाग की मदद से जिले में 23 गांवों के 472 परिवारों को विस्थापन की सूची में शामिल किया था। इसके अलावा अतिवृष्टि से प्रभावित चार गांवों के 76 परिवारों को दो वर्ष पूर्व विस्थापन सूची में रखा, जिससे विस्थापित होने वाले परिवारों की संख्या बढकर 548 हो गई। लेकिन बीते आठ वर्षों में शासन-प्रशासन सिर्फ 56 परिवारों को ही उनकी अन्यत्र भूमि पर विस्थापित कर चुका है। अन्य 492 परिवार आज भी विस्थापन की राह देख रहे हैं।
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जिपं सदस्य विनोद राणा, ग्राम प्रधान विजयपाल सिंह नेगी, अव्वल सिंह, अमर सिंह रावत, भगवती प्रसाद आदि का कहना है कि शासन-प्रशासन को कई बार अवगत कराने पर भी आपदा प्रभावित परिवारों के विस्थापन की कार्रवाई नहीं की जा रही है। आपदा के बाद दो विस चुनाव हो चुके हैं, लेकिन किसी भी पार्टी या प्रत्याशी ने प्रभावित गांवों के ग्रामीणों की आवाज को अपने घोषणापत्र में शामिल नहीं किया। ग्राम प्रधान कुंवर सिंह बजवाल का कहना है कि ऊषाड़ा गांव में 94 परिवार भूधंसाव का दंश झेल रहे हैं, लेकिन सिर्फ 72 परिवारों को भी विस्थापन की सूची में शामिल किया गया है। जबकि ग्राम पंचायत दैड़ा के पापड़ी तोक के 18 परिवार भी दरारों से पटे मकानों में जीवन यापन कर रहे हैं। ग्राम प्रधान योगेंद्र सिंह नेगी का कहना है कि विधायक, सांसद, मुख्यमंत्री को स्थिति से कई बार अवगत कराने पर भी कार्रवाई नहीं हो पाई है।
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भूधंसाव से प्रभावित ग्राम पंचायत उषाड़ा के 72 परिवारों सहित कुल चार गांवों के 76 परिवारों को विस्थापन के लिए चिह्नित किया गया है। इन परिवारों के विस्थापन के लिए शासन से बजट भी प्राप्त हो चुका है। तहसील प्रशासन व राजस्व विभाग की कार्रवाई पूरी होते ही इन्हें उनकी अन्यत्र भूमि पर पुनर्वास कर दिया जाएगा। जबकि 56 परिवारों को उनकी अन्यत्र भूमि पर पहले ही विस्थापित किया जा चुका है।
- मनुज गोयल, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग
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