जनपद में तीन आईटीआई और एक पॉलिटेक्नीक संस्थान को बंद करने समेत अन्य समस्याओं को लेकर जन अधिकार मंच के कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट में धरना दिया। उन्होंने एक माह में समस्याओं के निस्तारण नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। इस संबंध में डीएम को ज्ञापन भी सौंपा गया।
धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मंच के अध्यक्ष मोहित डिमरी व महामंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा इस वर्ष जिले में तीन आईटीआई और एक पॉलिटेक्नीक संस्थान को बंद कर दिया है, जिससे स्थानीय छात्र-छात्राओं की व्यवसायिक व तकनीकी शिक्षा की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। अब, उन्हें अन्यत्र शहरों की दौड़ लगानी पड़ेगी। उन्होंने कृषि महाविद्यालय चिरबटिया के आधे-अधूरे भवन का निर्माण पूरा करने, डिग्री कॉलेज रुद्रप्रयाग का कैंपस निर्माण, बीएससी व एमएस कक्षाओं के संचालन के साथ डिग्री कॉलेज जखोली में विज्ञान संकाय की मान्यता देने की मांग की। वक्ताओं ने चारधाम विकास परियोजना, रेल लाइन निर्माण समेत अन्य विकास योजनाओं का निर्माण मानकों के साथ करने और प्रभावितों के रोजगार के लिए योजना बनाने पर जोर दिया गया। इस दौरान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष ईश्वर सिंह बिष्ट और सामाजिक कार्यकर्ता विनोद कप्रवाण ने भी जन अधिकार मंच के आंदोलन को अपना समर्थन दिया। धरना देने वालों में वरिष्ठ सदस्य रमेश पहाड़ी, केपी ढौंडियाल, एमएन भट्ट, केएन डिमरी, भगत चौहान, बीरेंद्र नेगी, बीबी ममगाईं, प्यार सिंह नेगी मौजूद थे।