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शीतकाल में केदारनाथ महोत्सव पर जताई आपत्ति
ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Thu, 28 Jan 2016 10:16 PM IST
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शीतकाल के दौरान केदारनाथ महोत्सव व केदारनाथ दर्शन कार्यक्रम संचालित करने पर स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई है।
उनका कहना है कि सरकार व्यावसायिक हितों के लिए लोगों की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है।
भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य डा. आशुतोष किमोठी, युवा कल्याण परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष दिनेश बगवाड़ी, बजरंग दल के सुंदर लाल सेमवाल, गिरीश भट्ट, संजय भट्ट, सोमेश्वरी भट्ट ने बताया कि बाबा केदारनाथ धाम आस्था का केंद्र है।
पौराणिक परंपरानुसार शीतकाल के दौरान बाबा केदारनाथ धाम में किसी प्रकार की कोई गतिविधि संचालित नहीं की जाती है, लेकिन सरकार ने व्यावसायिक हितों की पूर्ति के लिए केदारनाथ महोत्सव व केदारनाथ दर्शन जैसे कार्यक्रम प्रस्तावित किए हैं, जो उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि ये कार्यक्रम प्रस्तावित करने से पहले सरकार ने स्थानीय लोगों को विश्वास में भी नहीं लिया गया। उन्होंने केदारनाथ धाम में गतिविधियां पौराणिक परंपरानुसार ही संचालित करने की अपील की है।
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उनका कहना है कि सरकार व्यावसायिक हितों के लिए लोगों की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है।
भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य डा. आशुतोष किमोठी, युवा कल्याण परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष दिनेश बगवाड़ी, बजरंग दल के सुंदर लाल सेमवाल, गिरीश भट्ट, संजय भट्ट, सोमेश्वरी भट्ट ने बताया कि बाबा केदारनाथ धाम आस्था का केंद्र है।
पौराणिक परंपरानुसार शीतकाल के दौरान बाबा केदारनाथ धाम में किसी प्रकार की कोई गतिविधि संचालित नहीं की जाती है, लेकिन सरकार ने व्यावसायिक हितों की पूर्ति के लिए केदारनाथ महोत्सव व केदारनाथ दर्शन जैसे कार्यक्रम प्रस्तावित किए हैं, जो उचित नहीं है।
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उन्होंने कहा कि ये कार्यक्रम प्रस्तावित करने से पहले सरकार ने स्थानीय लोगों को विश्वास में भी नहीं लिया गया। उन्होंने केदारनाथ धाम में गतिविधियां पौराणिक परंपरानुसार ही संचालित करने की अपील की है।
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